Haldwani
सेना में भर्ती न हो पाने से डिप्रेशन में गया युवा, संदिग्ध परिस्थितियों में मौत !
हल्द्वानी (लालकुआं): सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सपना संजोए एक होनहार युवक ने जिंदगी की जंग हार दी। हल्दूचौड़ के जग्गी गांव निवासी 24 वर्षीय करन कांडपाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। करन, पूर्व सैनिक नवीन चंद्र कांडपाल का इकलौता बेटा था। वह लंबे समय से भारतीय सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था, लेकिन बार-बार असफलता मिलने से वह गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चला गया।
स्थानीय लोगों और पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, करन पढ़ाई में बेहद मेधावी और शांत स्वभाव का युवक था। उसने हाल ही में लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय से बीएससी की डिग्री अच्छे अंकों से प्राप्त की थी। परिवार को उससे बहुत उम्मीदें थीं। करन की छोटी बहन कॉलेज में पढ़ाई कर रही है, और पूरे परिवार की नजरें करन के भविष्य पर टिकी थीं।
शनिवार को करन ने अचानक पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद परिजन उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। लोगों में यह आशंका जताई जा रही है कि करन ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
लालकुआं कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंडी चौकी क्षेत्र में पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और परिवार से बातचीत जारी है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक मां-बाप के लिए इकलौते बेटे को इस तरह खो देना असहनीय है। क्षेत्र के लोग भी स्तब्ध हैं और गांव में शोक की लहर व्याप्त है।
करन की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पर्याप्त सजग हैं? क्या सपनों का बोझ इतना भारी हो गया है कि युवा उसे संभाल नहीं पा रहे?