Dehradun

तिरुपति मिलावट के बाद, बदरीनाथ-केदारनाथ में भोग प्रसाद की गुणवत्ता के लिए ठोस कदम !

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देहरादून – बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के साथ-साथ बीकेटीसी (बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) के अधीन आने वाले अन्य मंदिरों में भोग और प्रसाद की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की गई है। इस SOP में भोग प्रसाद तैयार करने, खाद्य सामग्री के उपयोग, भंडारण और निगरानी के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

इस नई प्रक्रिया के तहत, साल में कम से कम एक बार भोग प्रसाद की फूड सेफ्टी ऑडिट कराई जाएगी। यह निर्णय तिरुपति मंदिर में प्रसाद में मिलावट के एक मामले के प्रकाश में आया, जिसके बाद बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने इस पहल की आवश्यकता महसूस की।

SOP के प्रमुख बिंदु:

  1. खाद्य सामग्री की गुणवत्ता: भोग और प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले चावल, तेल, घी, मसाले और केसर की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। सभी सामग्रियों को विश्वसनीय व्यापारियों से खरीदा जाएगा।
  2. तेल का उपयोग: भोग और प्रसाद तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल को अधिकतम तीन बार से ज्यादा उपयोग न करने के निर्देश दिए गए हैं।
  3. स्वच्छता: भोग और प्रसाद बनाने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया गया है।
  4. स्टॉक प्रबंधन: खाद्य सामग्री को लंबे समय तक स्टॉक में न रखने की सलाह दी गई है।
  5. निगरानी और ऑडिट: गुणवत्ता और शुद्धता की जांच के लिए नियमित निगरानी की जाएगी और साल में एक बार भोग और प्रसाद का फूड सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। इस ऑडिट में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा अधिकृत प्रयोगशाला में खाद्य सामग्री की जांच कराई जाएगी।

इस पहल के माध्यम से बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति श्रद्धालुओं को उच्चतम स्तर की शुद्धता और गुणवत्ता का भोग एवं प्रसाद प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को बनाए रखने के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है।

 

 

 

 

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