Delhi
आम आदमी पार्टी में शामिल हुए अवध ओझा, दिल्ली में चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी….
दिल्ली : आईएएस कोचिंग देने वाले प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और टीचर अवध ओझा आज दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए। वह पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के साथ AAP मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी में अपनी सदस्यता ग्रहण की। साथ ही, खबरें आ रही हैं कि वह दिल्ली में किसी विधानसभा सीट से आगामी चुनाव लड़ सकते हैं।
अवध ओझा, जो उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के रहने वाले हैं, अपनी पढ़ाने की अनूठी शैली और मोटिवेशनल स्पीच के लिए काफी प्रसिद्ध हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर ‘ओझा सर’ के नाम से जाना जाता है और उनके संदेशों और विचारों को लोग बड़े चाव से फॉलो करते हैं। हालांकि, उनके पास फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत अकाउंट नहीं है, फिर भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है।
अवध ओझा की दिल्ली में चुनाव लड़ने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, अवध ओझा दिल्ली में किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि उनकी सीट कौन सी होगी। इससे पहले एक इंटरव्यू में उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की सराहना की थी और कहा था कि अगर केजरीवाल थोड़ा और संयम बरतते और सहयोगियों के साथ सामंजस्य बनाए रखते, तो राजनीति में उनकी स्थिति कुछ और होती।
अवध ओझा पहले भी राजनीति में रुचि दिखा चुके हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने का मन बनाया था और प्रयागराज से चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी नेताओं से मुलाकात भी की थी। इसके अलावा, कैसरगंज सीट से भी उनका नाम चर्चाओं में था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल पाया था।
अवध ओझा की राजनीतिक टिप्पणी
अवध ओझा सियासत के प्रति अपनी रुचि को लेकर कई बार बयान दे चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी अपने विचार व्यक्त किए हैं। ओझा ने अखिलेश यादव को एक विजनरी नेता बताया और कहा कि वह भविष्य में प्रधानमंत्री बन सकते हैं। वहीं, राहुल गांधी को प्रियंका गांधी से बेहतर नेता करार दिया और प्रियंका को एक अच्छी कोआर्डिनेटर और आयोजक बताया।
अवध ओझा की आम आदमी पार्टी में शामिल होने की खबर से दिल्ली की राजनीति में हलचल मच गई है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि वह आगामी चुनावों में क्या भूमिका निभाते हैं।