Dehradun

हादसे के बाद बड़ा एक्शन! भीड़ प्रबंधन से लेकर निकासी तक मंदिरों में अब होगा सख्त सिस्टम

Published

on

देहरादून: सचिवालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। हाल ही में हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़ की घटना के मद्देनज़र मुख्य सचिव ने प्रदेश के तमाम बड़े धार्मिक स्थलों को चिन्हित कर, वहां अंशकालिक और दीर्घकालिक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर जल्द से जल्द चौड़ा किया जाए और इसके लिए लगातार अभियान चलाए जाएं। साथ ही, श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी समाधानों का भी सहारा लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष अवसरों पर जहां भीड़ अत्यधिक हो सकती है, वहां श्रद्धालुओं को कुछ समय के लिए रोके जाने के लिए विशेष स्थल तैयार किए जाएं।

उन्होंने हर धार्मिक स्थल के लिए रूट और सर्कुलेशन प्लान बनाने के निर्देश दिए ताकि अचानक भीड़ जमा न हो सके। पहले चरण में मनसा देवी, चंडी देवी, नीलकंठ, कैंचीधाम और पूर्णागिरि जैसे प्रमुख मंदिरों का विशेषज्ञों की टीम द्वारा विश्लेषण कराया जाएगा।

विशेषज्ञों की टीम भीड़ प्रबंधन, निकासी योजना, बॉटल नेक एरिया की पहचान और सिविल इंजीनियरिंग समेत तकनीकी पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसी के साथ यह टीम विभिन्न जगहों पर श्रद्धालुओं के रुकने के लिए स्थलों का भी प्रस्ताव तैयार करेगी और एक व्यवस्थित एसओपी बनाएगी।

बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, धीराज सिंह गर्ब्याल, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर कुमायूँ दीपक रावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Exit mobile version