रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही बारिश से हालात गंभीर हो गए हैं। जहां एक ओर राजमार्गों पर पहाड़ी दरक रही हैं, वहीं दूसरी ओर केदारनाथ पैदल मार्ग भी जानलेवा साबित हो रहा है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक के 19 किमी पैदल मार्ग पर लगातार बोल्डर गिरने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे यात्रियों की यात्रा खतरे में डाल दी है। शनिवार को इसी मार्ग पर पहाड़ी से गिरा एक बोल्डर महाराष्ट्र के तीर्थ यात्री की जान ले गया।
केदारनाथ यात्रा पर पहले भी हो चुकी थी रोक
पहाड़ों में हो रही मूसलधार बारिश का असर जन जीवन पर पड़ा है, खासकर केदारनाथ यात्रा पर। भारी बारिश के चलते 14 अगस्त तक केदारनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन फिर भी कुछ यात्री सोनप्रयाग से आगे बढ़ने पर अड़े रहे, जिन पर पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा।
15 अगस्त को यात्रा शुरू, लेकिन हादसा हुआ
15 अगस्त को जब केदारनाथ यात्रा फिर से शुरू की गई, तो सैकड़ों श्रद्धालु यात्रा के लिए रवाना हुए, लेकिन शनिवार सुबह एक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, गौरीकुंड से करीब एक किमी ऊपर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर छौड़ी गधेरे के पास पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर गिरा, जिसकी चपेट में आकर महाराष्ट्र के तीर्थ यात्री परमेश्वर भीम राव खावाल (38) की मौत हो गई। वे औरंगाबाद, महाराष्ट्र के निवासी थे।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मृतक को गौरीकुंड अस्पताल लाया गया, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।
राजमार्गों पर भी बनीं मुश्किलें
वहीं दूसरी ओर, भारी बारिश के कारण राजमार्गों पर सफर करना भी खतरे से खाली नहीं है। बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे के कई हिस्सों में पहाड़ी दरकने के कारण यात्री घंटों फंसे हुए हैं। जगह-जगह पहाड़ी गिरने से रास्ते बंद हो जाते हैं, जिससे तीर्थयात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। बारिश का कहर इतना बढ़ चुका है कि सड़कें और हाईवे अब दुर्घटना का संभावित स्थल बन चुके हैं।
यात्रियों से अपील
इस कठिन समय में प्रशासन और पुलिस लगातार यात्रियों से अपील कर रहे हैं कि वे बिना सुरक्षा इंतजाम के यात्रा करने से बचें और मार्ग पर हो रही घटनाओं को गंभीरता से लें। पहाड़ी रास्तों और राजमार्गों पर अत्यधिक सावधानी बरतने की सख्त आवश्यकता है, खासकर बारिश के मौसम में।