Uttarakhand
उफनते गधेरे के पास मिला नवजात!, रोने की आवाज सुनाई देने पर बची मासूम की जान
Chamoli News : उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन के बीच एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। दशोली विकासखंड में एक नवजात शिशु गधेरे के पास जीवित अवस्था में मिला। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम ने नवजात को सुरक्षित बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया।
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उफनते गधेरे के पास जिंदा मिला नवजात!
गुरुवार 6 अगस्त की सुबह ग्राम पंचायत रागतोली के आसपास की है। स्थानीय लोगों ने गधेरे की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनी। आवाज का पीछा करते हुए ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो वहां एक नवजात शिशु लावारिस हालत में पड़ा मिला। बारिश के बीच गधेरे के पास नवजात को देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए।
रोने की आवाज सुनाई देने पर बची मासूम की जान
ग्रामीणों ने बिना देरी किए पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात को अपने कब्जे में लेकर तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे की जांच की, जिसके बाद उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है। फिलहाल नवजात चिकित्सकों की निगरानी में है।
ग्रामीणों ने सुनी छी नवजात के रोने की आवाज
चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के मुताबिक, रागतोली गांव के पास ग्रामीणों ने नवजात के रोने की आवाज सुनी थी। मौके पर पहुंचने के बाद बच्चे के लावारिस हालत में मिलने की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नवजात को अस्पताल पहुंचाया।
घटना की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। नवजात के मिलने को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति ने नवजात को सुबह के समय वहां छोड़ दिया होगा।
आसपास के लोगों से की जा रही है पूछताछ
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को गधेरे के पास कौन छोड़कर गया था। पुलिस आसपास के इलाकों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल सबसे राहत की बात यह है कि कठिन परिस्थितियों के बीच नवजात को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया और उसे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा मिल गई। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चे को वहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा था।