Chamoli
चमोली-थराली आपदा अपडेट: सीएम धामी के निर्देश पर रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, राहत कैंप सक्रिय
थराली/चमोली, उत्तराखंड – पहाड़ों में भारी बारिश और गदेरों के उफान ने थराली क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने आपदा राहत और बचाव कार्यों को तेज़ गति से शुरू कर दिया है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के जवानों की टीमों के साथ संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
गदेरों में उफान, मलबे में दबा मकान, युवती की मौत
शनिवार रात को टुनरी गदेरे का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे तहसील परिसर, चेपड़ो बाजार, कोटदीप बाजार और कई घरों में 1 से 2 फीट मलबा घुस गया। कुछ वाहन मलबे में दब गए, जबकि ग्राम संगवाड़ा में एक मकान पर मलबा गिरने से एक युवती की मौत हो गई। डी़डीआरएफ थराली के जवानों ने शव को मलबे से बाहर निकाला। वहीं, ग्राम चेपड़ो में एक व्यक्ति अब भी लापता है, जिसकी तलाश की जा रही है।
जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण, रिलीफ सेंटर बनाए गए
जिलाधिकारी संदीप तिवारी खुद मौके पर पहुंचे और आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। जिला प्रशासन ने राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी और शहीद भवानीदत्त इंटर कॉलेज चेपड़ो को रिलीफ सेंटर के रूप में स्थापित किया है। राहत कैंपों तक लोगों को पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई है।
भारी राहत बल तैनात, चिकित्सा टीम भी अलर्ट
प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं:
NDRF – 27 जवान
SDRF – 12 जवान
SSB ग्वालदम – 12 जवान
DDRF – 7 जवान
स्वास्थ्य विभाग, BRO, और अन्य अधिकारी भी मौके पर हैं।
चिकित्सा व्यवस्था के तहत:
4 डॉक्टर, 6 स्टाफ नर्स, 1 फार्मासिस्ट, 2 विशेषज्ञ चिकित्सक,
2 एंबुलेंस 108 सेवा की तैनाती
सभी दवाइयां व जीवन रक्षक संसाधन मौजूद
प्रशासन ने घोषित की स्कूलों में छुट्टी
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए थराली, देवाल और नारायणबगड़ विकासखंड के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
आपात संपर्क और राहत उपकरण तैनात
जिलाधिकारी ने बताया कि राहत कार्यों में जेसीबी मशीन, रस्सियां, वुड कटर, स्ट्रेचर और अन्य उपकरण भेजे जा चुके हैं।