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चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सीमित संख्या की बाध्यता खत्म, सरकार ने मानी चारधाम होटल एसोसिएशन की मांग
Char Dham Yatra 2026 : चारधाम होटल एसोसिएशन की मांग को आखिरकार सरकार ने मान लिया है। सरकार ने सीमित संख्या की बाध्यता को खत्म कर दिया है।
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चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सीमित संख्या की बाध्यता खत्म
सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की सीमित संख्या की बाध्यता खत्म कर दिया है। चारधाम होटल एसोसिएशन इसकी लंबे समय से मांग कर रहा था। मांग पूरी होने पर संगठन ने सरकार का आभार व्यक्त किया है।
कहा कि सरकार ने जो सीमित संख्या की बाध्यता हटाई है उससे स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसाययों के चेहरे खिले हुए नजर आ रहे हैं। जल्द ही होटल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनका धन्यवाद ज्ञापित करेगा।
पंजीकरण पोर्टल पूरे साल भर खोलने की मांग
चारधाम होटल एसोसिएशन की सरकार से मांग की है कि चार धाम यात्रा पूरे 12 महीने चलती है। 6 महीने शीतकालीन यात्रा और 6 महीने ग्रीष्मकाल, ऐसे में सरकार को पंजीकरण पोर्टल पूरे साल भर खोल देना चाहिए। ताकि यात्री अपना पंजीकरण कर सकें, उन्होंने कहा कि यात्री कई साल पहले चार धाम यात्रा की प्लानिंग करते हैं उसके लिए भी ये व्यवस्था बेहतर होगी।

पंजीकरण के लिए उत्तराखंड की ही कंपनी को दिया जाए काम
चारधाम होटल एसोसिएशन ने एक और मांग उठाते हुए कहा कि जो कंपनी पंजीकरण कर रही है वो गुजरात की है, उसको हटाकर उत्तराखंड की कंपनी को पंजीकरण का काम दिया जाना चाहिए ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।
बता दें कि चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। 19 अप्रैल को मां यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुल रहे हैं, जबकि 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। जबकि 23 अप्रैल को बद्री विशाल के कपाट विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 23 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तिथि नियत हुई है।