Uttarakhand
स्यानाचट्टी झील संकट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्त निगरानी, जल निकासी के निर्देश, राहत कार्य तेज
उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी क्षेत्र में मलबा आने से बनी झील से उत्पन्न खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन सचिव को निर्देशित किया है कि जल निकासी के लिए जिला प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री स्वयं भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सिंचाई विभाग को युद्धस्तर पर चैनलाइजेशन और जल निकासी का कार्य करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्यानाचट्टी के निवासियों को भरोसा दिलाया है कि शासन-प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है और जल्द हालात सामान्य कर लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो। साथ ही, सुरक्षित स्थानों पर ठहराए गए लोगों को भोजन, गैस, दवाइयों, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति दी जाए।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि फिलहाल झील से एक हिस्से से पानी की निकासी हो रही है, लेकिन दलदल की स्थिति के कारण चैनलाइजेशन संभव नहीं हो पा रहा है। राहत टीमें अन्य विकल्पों पर काम कर रही हैं। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमला:
यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य
एसडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी
राहत और बचाव कार्य की व्यवस्थाएं:
ड्रोन से निगरानी के जरिए लगातार नजर
स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैनात: 5 चिकित्सक, 10 पेरामेडिकल स्टाफ, 4 एम्बुलेंस
विद्युत विभाग द्वारा 2 कर्मचारी तैनात, 5 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं
लगभग 300 खाद्यान्न किट स्यानाचट्टी भेजी जा रही हैं
सिंचाई विभाग पुरोला की 3 पोकलेन मशीन
एनएच बड़कोट की 2 पोकलेन मशीन, 4 जेसीबी, 1 कम्प्रैशर
वन विभाग के 2 कैंपर वाहन