Chamoli
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के स्थाई विकास पर सीएम धामी की पैनी नजर , अधिकारियों से नियमित ले रहें फॉलो-अप….
चमोली : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के स्थाई विकास को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। नवंबर माह में मुख्यमंत्री ने गैरसैंण का दौरा कर जिलाधिकारी चमोली और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी, जिसमें राजधानी क्षेत्र के ढांचागत विकास पर जोर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण का स्थाई विकास करने, पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने और बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने के लिए निर्देश दिए थे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सारकोट गांव को गोद लेकर एक आदर्श ग्राम बनाने की घोषणा भी की थी।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, चमोली जिले के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने सभी विभागों की योजनाओं को एकीकृत करते हुए राजधानी क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी है। सारकोट गांव के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य चल रहा है। कृषि और उद्यान विभाग के माध्यम से गांव में पालिहाउस लगाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे यूरोपियन वेजिटेबल उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा, मशरूम टनल लगाने, मशाला चक्की स्थापित करने और डेयरी पर काम शुरू किया गया है। स्वास्थ्य जांच के लिए नियमित शिविर भी लगाए जा रहे हैं। सारकोट गांव में उरेडा के माध्यम से 10 सोलर लाइट्स लगाए गए हैं, जिससे गांव रोशन हो गया है। इस समग्र विकास से गांव के ग्रामीणों में उत्साह और खुशी है, क्योंकि अब उन्हें रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत, मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गैरसैंण ब्लॉक के आदिबद्री, खेती, मालसी और थापली गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में किसानों को शत-प्रतिशत अनुदान के साथ मशरूम टनल स्थापित की गई हैं और उन्हें मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ हो रही है और वे अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। राजधानी क्षेत्र के अन्य गांवों से भी किसान मशरूम उत्पादन की डिमांड कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर, पूरे राजधानी क्षेत्र को मशरूम वैली के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे। पहले चरण में राजकीय इंटर कॉलेज भराडीसैंण को मॉडर्न विद्यालय बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। यहां पर सभी संसाधन जुटाए जा रहे हैं और आने वाले समय में यह विद्यालय पूरी तरह से हाईटेक होगा, जो आदर्श शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
गैरसैंण नगर क्षेत्र में जाम की समस्या को हल करने के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएन ने इस कार्य के लिए आगणन तैयार कर शासन को भेज दिया है।
सिंचाई विभाग के माध्यम से गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मां भराड़ी देवी का भव्य मंदिर बनाने की योजना भी बनाई गई है। इसके लिए स्थानीय जनता और तीर्थ पुरोहितों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इस प्रस्ताव को सिंचाई विभाग ने तैयार कर लिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर गैरसैंण में स्थाई विकास की दिशा में रिक्त एसडीएम पद पर अधिकारी की तैनाती कर दी गई है। इससे यहां विकास कार्यों में और गति आएगी।