Dehradun
देहरादून का घंटाघर अब पहले से और भी भव्य, मुख्यमंत्री धामी ने किया लोकार्पण
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का ऐतिहासिक घंटाघर अब पूरी तरह नए रूप में शहरवासियों और पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घंटाघर के सौंदर्यीकरण, भव्य रूपांतरण और स्वचालित प्रकाश व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि “घंटाघर देहरादून की पहचान है…और इसका नया रूप केवल एक इमारत का परिवर्तन नहीं, बल्कि शहर की आत्मा में नयापन भरने का काम करेगा।
रात में भी चमकेगा घंटाघर, नाइटलाइफ़ को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब घंटाघर सिर्फ दिन में नहीं, स्वचालित प्रकाश व्यवस्था के चलते रात में भी देहरादून की नाइटलाइफ का चमकता चेहरा बनेगा। उन्होंने कहा,
“इसका नवीन और आकर्षक स्वरूप न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी गर्व की अनुभूति कराएगा।”
शहर की सुंदरता से जुड़ेगा जन-भावनाओं का ताना-बाना
मुख्यमंत्री ने इस पहल को स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि,
“इस प्रकार की पहलें न केवल शहर के सौंदर्य को बढ़ाती हैं, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता, संरक्षण और अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती हैं।
1.5 करोड़ की लागत से बदला गया स्वरूप
करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से घंटाघर का नवीनीकरण कर उसे एक आधुनिक और भव्य स्वरूप दिया गया है। नया घंटाघर अब न सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए पसंदीदा जगह होगा, बल्कि आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थल अब देहरादून की शोभा भी बढ़ाएगा और प्रदेश की शीतकालीन राजधानी की सांस्कृतिक छवि को भी सशक्त करेगा।
घंटाघर न सिर्फ एक इमारत है, बल्कि देहरादून की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भावनात्मक पहचान का प्रतीक भी रहा है। इसका नवीनीकरण नागरिकों के लिए भी गौरव का विषय है और साथ ही यह राज्य सरकार के स्मार्ट, सुंदर और सांस्कृतिक शहर के विज़न को आगे बढ़ाता है।