Dehradun
धराली आपदा: उत्तराखंड के सांसदों ने प्रधानमंत्री से की ESI सहित राहत-संकट पर चर्चा, हर संभव मदद का मिला भरोसा
देहरादून: उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा को लेकर उत्तराखंड के सांसदों ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया। इस दौरान धराली गांव में बादल फटने से हुई तबाही, राहत व बचाव कार्यों की प्रगति और प्रभावितों की ज़रूरतों पर विस्तृत चर्चा की गई।

सांसदों ने प्रधानमंत्री को बताया कि किस तरह खीरगंगा में अचानक आए सैलाब ने पूरे धराली कस्बे को मलबे में तब्दील कर दिया। बाजार, घर, होटल और कई जिंदगियां कुछ ही मिनटों में तबाह हो गईं। इस आपदा में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों अब भी लापता हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की पैनी नज़र
प्रधानमंत्री मोदी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि धराली जैसी आपदाएं पूरे देश के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) स्वयं इस आपदा की स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए है। वे समय-समय पर राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं और राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रहे हैं।
केंद्र से हर संभव सहायता का आश्वासन
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के सांसदों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता तत्काल प्रभाव से दी जाएगी। इसमें रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हेलीकॉप्टर, मेडिकल टीमें, अतिरिक्त फोर्स और आर्थिक मदद शामिल हैं।
राज्य–केंद्र के साझा प्रयास
सांसदों ने प्रधानमंत्री को बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं धराली में राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और लगातार हालात का जायजा ले रहे हैं। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
सांसदों ने केंद्र से पुनर्वास योजनाओं में सहायता, प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज और आपदा-पूर्व चेतावनी तंत्र को और अधिक मज़बूत करने की भी मांग रखी।
धराली की यह आपदा उत्तराखंड के लिए एक बड़ा घाव है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से जल्द ही राहत व पुनर्निर्माण का कार्य गति पकड़ेगा।