Dehradun
देहरादून के डॉग लवर्स ध्यान दें! अब इन नियमों को तोड़ा तो लगेगा 5000 का जुर्माना
देहरादून: देहरादून नगर निगम की तीसरी बोर्ड बैठक आज सोमवार को आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत धराली और थराली आपदा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। अधिकारियों और पार्षदों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को याद किया। लेकिन श्रद्धांजलि के बाद जैसे ही बैठक की कार्यवाही शुरू हुई पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा।
हंगामे से हुई शुरुआत
बैठक के शुरुआती पलों में ही बीजेपी और कांग्रेस पार्षद आपस में भिड़ गए। नाराजगी का कारण पिछली बोर्ड बैठक में लिए गए प्रस्तावों का लागू न होना था। पार्षदों ने आरोप लगाए कि उनके क्षेत्रों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। मेयर सौरभ थपलियाल के हस्तक्षेप के बाद माहौल शांत हुआ और कार्यवाही आगे बढ़ी।
26 प्रस्तावों पर चर्चा, फड़ बाज़ारों पर प्रतिबंध
बैठक में कुल 26 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसमें सबसे अहम निर्णय रहा कि नगर निगम क्षेत्र में लगने वाले सभी फड़ बाजारों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में यदि गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग दिया जाएगा, तो 50% शुल्क छूट दी जाएगी। वहीं दोनों कूड़े मिलाकर देने पर जुर्माना लगेगा।
स्ट्रीट डॉग्स को लेकर ऐतिहासिक फैसला
देहरादून में लगातार बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए:
खतरनाक स्ट्रीट डॉग्स की शिकायत पार्षद करेंगे, इसके बाद नगर निगम टीम उनका इलाज कराएगी।
अब 5 दिन की बजाय 15 दिन तक इन कुत्तों को निगरानी में रखा जाएगा।
कुत्तों को शांत बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी, इसके लिए NGO की मदद ली जाएगी।
इन कुत्तों को साल में तीन बार टीका लगाया जाएगा।
अगर कोई पशु प्रेमी स्ट्रीट डॉग को गोद लेना चाहता है, तो नगर निगम कार्रवाई करेगा।
शेल्टर हाउस की संख्या बढ़ाकर 20–25 की जाएगी, इसके लिए 200 कैनाल ज़मीन का प्रस्ताव भेजा गया है।
जुर्माने के प्रावधान हुए सख्त
डॉग रजिस्ट्रेशन या वैक्सीनेशन न कराने पर अब ₹5000 का जुर्माना लगेगा (पहले ₹200)।
पालतू कुत्ते को खुले में टॉयलेट कराने पर ₹5000 जुर्माना।
खुले में घूमता पालतू कुत्ता पाए जाने पर ₹3000 जुर्माना।
सड़क पर कुत्तों को खाना खिलाने पर भी ₹5000 का दंड।
23 बैन प्रजातियों के कुत्तों का रजिस्ट्रेशन केवल ट्रेनिंग सर्टिफिकेट के साथ ही होगा।
बंदरों पर भी होगी सख्ती
नगर निगम ने वन विभाग के साथ मिलकर बंदरों के आतंक से निपटने के लिए विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है।
मेयर बोले — सुधार की पूरी कोशिश
मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं रखीं, हम हर शिकायत पर ध्यान दे रहे हैं। सफाई व्यवस्था को बेहतर करने की पूरी कोशिश जारी है। साथ ही स्ट्रीट डॉग्स की समस्या को लेकर भी गंभीर फैसले लिए गए हैं।