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Gaudium IVF & Women Health IPO : 20 फरवरी से खुलेगा सब्सक्रिप्शन , निवेश करें या बचें? यहाँ देखें Pros & Cons”

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Gaudium IVF & Women Health IPO : भारत का पहला फर्टिलिटी लिस्टिंग धमाका

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में साल 2026 की शुरुआत काफी हलचल भरी रही है। इस कड़ी में एक अनोखा और सेक्टर-स्पेसिफिक आईपीओ दस्तक दे रहा है — Gaudium IVF & Women Health Limited IPO। यह न केवल एक सामान्य पब्लिक इश्यू है, बल्कि भारत के फर्टिलिटी और रिप्रोडक्टिव हेल्थकेयर (ART) सेक्टर की पहली ऐसी कंपनी है जो मेनबोर्ड एक्सचेंज (BSE & NSE) पर लिस्ट होने जा रही है।

अगर आप एक निवेशक हैं और हेल्थकेयर सेक्टर के इस उभरते हुए सेगमेंट में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। यहाँ हम इस IPO की बारीकियों, इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP), वित्तीय स्थिति और इसमें निवेश के जोखिमों का गहराई से विश्लेषण करेंगे।


Gaudium IVF & Women Health IPO: मुख्य विवरण (Key Details)

गॉडियम आईवीएफ का यह आईपीओ 20 फरवरी 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 24 फरवरी 2026 को बंद होगा। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए बाजार से Rs165 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है।

IPO का ढांचा और प्राइस बैंड

विवरणजानकारी
प्राइस बैंड (Price Band)₹75 – ₹79 प्रति शेयर
लॉट साइज (Lot Size)189 शेयर (न्यूनतम निवेश: ₹14,931)
कुल इश्यू साइज₹165 करोड़
फ्रेश इश्यू (Fresh Issue)₹90 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS)₹75 करोड़
फेस वैल्यू (Face Value)₹5 प्रति शेयर

महत्वपूर्ण तारीखें (IPO Timeline)

निवेशकों को इन तारीखों का खास ख्याल रखना चाहिए:

  • आईपीओ ओपन डेट: 20 फरवरी 2026
  • आईपीओ क्लोज डेट: 24 फरवरी 2026
  • अलॉटमेंट फाइनल: 25 फरवरी 2026
  • रिफंड/डीमैट क्रेडिट: 26 फरवरी 2026
  • लिस्टिंग डेट: 27 फरवरी 2026 (BSE & NSE)

Gaudium IVF IPO GMP Today (ग्रे मार्केट प्रीमियम की स्थिति)

ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, Gaudium IVF IPO GMP लगभग ₹12 से ₹15 के आसपास चल रहा है।

इसका मतलब है कि अगर अपर प्राइस बैंड ₹79 को आधार माना जाए, तो यह शेयर करीब ₹91 से ₹94 के बीच लिस्ट हो सकता है। यह निवेशकों के लिए लगभग 15% से 19% तक का संभावित लिस्टिंग गेन (Listing Gain) दर्शा रहा है। हालांकि, बाजार की अस्थिरता के साथ GMP में बदलाव संभव है।


कंपनी का बिजनेस मॉडल: क्या है खास?

2015 में डॉ. मनिका खन्ना द्वारा स्थापित, गॉडियम आईवीएफ (Gaudium IVF) आज भारत के प्रमुख फर्टिलिटी सेंटर्स में से एक है। कंपनी “हब एंड स्पोक” (Hub-and-Spoke) मॉडल पर काम करती है।

  • नेटवर्क: वर्तमान में कंपनी के पास 7 मुख्य हब और 28 स्पोक सेंटर्स हैं।
  • सेवाएं: आईवीएफ (IVF), आईसीएसआई (ICSI), आईयूआई (IUI), और अन्य जटिल फर्टिलिटी इलाज।
  • तकनीक: कंपनी अपनी लैब में अगली पीढ़ी की ‘INTEGRA Ti’ तकनीक का उपयोग करती है, जो सफलता दर (Success Rate) बढ़ाने में मदद करती है।

आईपीओ के पैसों का क्या होगा?

कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹90 करोड़ का इस्तेमाल मुख्य रूप से 19 नए आईवीएफ सेंटर खोलने (₹50 करोड़) और अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने (₹20 करोड़) के लिए करेगी।


वित्तीय स्थिति (Financial Performance)

कंपनी के वित्तीय नतीजे काफी ठोस नजर आ रहे हैं:

  • राजस्व (Revenue): वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का कुल राजस्व ₹70.96 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 47% की शानदार वृद्धि है।
  • मुनाफा (PAT): कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹19.13 करोड़ रहा, जिसमें करीब 85% की भारी बढ़त दर्ज की गई है।
  • मार्जिन: EBITDA मार्जिन 40.48% के स्तर पर है, जो हेल्थकेयर सेक्टर के लिहाज से काफी आकर्षक है।

Pros & Cons: निवेश से पहले क्या देखें?

Pros (फायदे):

  1. फर्स्ट मूवर एडवांटेज: स्टॉक मार्केट में इस सेगमेंट की पहली कंपनी होने के नाते इसे निवेशकों से प्रीमियम वैल्यूएशन मिल सकता है।
  2. मजबूत मार्जिन: 40% से अधिक का EBITDA मार्जिन कंपनी की परिचालन कुशलता को दर्शाता है।
  3. ग्रोइंग मार्केट: भारत में देर से शादी और बदलती जीवनशैली के कारण आईवीएफ मार्केट 13% CAGR से बढ़ रहा है।
  4. एसेट-लाइट मॉडल: कंपनी लीज्ड प्रॉपर्टीज पर काम करती है, जिससे विस्तार करना आसान और सस्ता होता है।

Cons (जोखिम):

  1. विशेषज्ञों पर निर्भरता: कंपनी केवल 4-5 मुख्य एम्ब्रियोलॉजिस्ट पर निर्भर है। अगर टैलेंट रिटेंशन में दिक्कत आती है, तो बिजनेस प्रभावित हो सकता है।
  2. हाई एट्रिशन रेट: कंपनी का एम्प्लॉई एट्रिशन रेट (कर्मचारी छोड़ने की दर) 50% से ऊपर रहा है, जो चिंता का विषय है।
  3. रेगुलेटरी रिस्क: ART Act 2021 के कड़े नियम और भविष्य में होने वाले बदलाव कंपनी के खर्चों को बढ़ा सकते हैं।
  4. राजस्व का संकेंद्रण: कंपनी का 90% से अधिक राजस्व केवल आईवीएफ सेवाओं से आता है।

Expert Opinion: क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Gaudium IVF & Women Health IPO लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कंपनी का वैल्यूएशन (P/E ratio लगभग 23x-25x) इसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में तर्कसंगत लगता है।

लिस्टिंग गेन के लिए: यदि GMP ₹15 के ऊपर बना रहता है और बाजार में सकारात्मक माहौल रहता है, तो छोटे निवेशक लिस्टिंग गेन के लिए हाथ आजमा सकते हैं।

लंबी अवधि के लिए: अगर आप भारत की बढ़ती फर्टिलिटी डिमांड पर दांव लगाना चाहते हैं, तो पोर्टफोलियो में इस शेयर को जगह दी जा सकती है।


निष्कर्ष (Conclusion)

गॉडियम आईवीएफ का आईपीओ एक विशिष्ट निवेश अवसर पेश करता है। मजबूत बैलेंस शीट और विस्तार की योजनाओं के साथ, कंपनी खुद को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। हालांकि, कर्मचारियों के ऊंचे टर्नओवर और रेगुलेटरी चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अस्वीकरण (Disclaimer): शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


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