Uttarakhand
गोवा अग्निकांड मे पौड़ी के सपूत की दर्दनाक मौत : 8 महीने की बच्ची के सिर से उठा पिता का साया…
Goa Fire Accident में Pauri जिले के सुमित नेगी का निधन
पौड़ी गढ़वाल जिले के पाबौ ब्लॉक के छानी गांव के लिए बीते रविवार की शाम कभी न भूलने वाला दुख लेकर आई. Goa Fire Accident में छानी गांव निवासी 31 वर्षीय सुमित नेगी पुत्र गजेन्द्र सिंह नेगी की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. घर-घर मातम पसरा है और हर आंख नम है.
गांव तक पहुंची दर्दनाक खबर, सदमे में परिजन
जिला पंचायत सदस्य कलूंण क्षेत्र के भरत रावत ने बताया कि रविवार देर शाम सुमित की मौत की पुष्टि हुई. खबर मिलते ही परिजनों की चिंता और बढ़ गई कि इतनी दूर गोवा से पार्थिव शरीर गांव कैसे लाया जाएगा. परिवार ने प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए रखा और कई स्तरों पर प्रयास किए.
सरकार और प्रशासन की पहल के बाद सुमित का शव गोवा से दिल्ली हवाई सेवा के माध्यम से लाया गया, जहां से एम्बुलेंस द्वारा हरिद्वार पहुंचाया गया. इस प्रक्रिया ने परिवार को थोड़ी राहत दी, हालांकि दर्द और गम अब भी गहरा है. सुमित का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान से हरिद्वार में कर दिया गया है.
नाइट क्लब में लगी आग ने छीनी कई जिंदगियां
यह Goa Fire Accident एक नाइट क्लब में लगी भीषण आग के कारण हुआ, जिसने कई परिवारों की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं. हादसे में कुल 9 लोगों की मौत हुई, जिनमें उत्तराखंड के पांच युवक शामिल थे.
मृतकों की पहचान
- सुमित नेगी (Pauri, Uttarakhand)
- जितेंद्र सिंह
- मनीष सिंह
- सतीश सिंह
- सुरेंद्र सिंह
ये सभी नाइट क्लब में कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे. इसके अलावा दिल्ली निवासी विनोद कबड़वाल, कमला कबड़वाल, अनीता जोशी और सरोज जोशी की भी इस हादसे में मौत हो गई. वे गोवा घूमने गए थे.
तीन महीने से गोवा में काम कर रहे थे सुमित
पौड़ी जनपद (Pauri district) के पाबौ ब्लॉक निवासी सुमित नेगी बीते तीन महीनों से गोवा में होटल और नाइट क्लब में काम कर रहे थे. परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी. अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है.
ग्रामीणों का कहना है कि जब पहली बार हादसे की खबर आई तो किसी को यकीन नहीं हुआ. जैसे-जैसे सूचना पुख्ता होती गई, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया.
आठ महीने की मासूम बेटी के सिर से उठा पिता का साया
सुमित नेगी अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और मात्र आठ महीने की मासूम बेटी को छोड़ गए हैं. इतनी छोटी उम्र में बच्ची के सिर से पिता का साया उठ जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर रहा है.
सुमित तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे थे. उनकी दोनों बड़ी बहनों का विवाह हो चुका है. बेटे की असमय मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन दर्द इतना गहरा है कि शब्द कम पड़ रहे हैं.
Pauri से लेकर पूरे उत्तराखंड में शोक
Goa Fire Accident में उत्तराखंड के युवकों की मौत की खबर फैलते ही पौड़ी गढ़वाल ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है. स्थानीय लोग हादसे की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं.
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि पर्यटक स्थलों और नाइट क्लबों में सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है. पौड़ी के सपूत सुमित नेगी की मौत ने पूरे Pauri जिले को गहरे दुख में डुबो दिया है, जिसे शायद समय भी पूरी तरह नहीं भर पाएगा.
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ गोवा अग्निकांड (Goa Fire Accident) में सुमित नेगी की मौत कैसे हुई?
गोवा के एक नाइट क्लब में लगी भीषण आग के दौरान पाबौ ब्लॉक, पौड़ी गढ़वाल निवासी सुमित नेगी की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई.
❓ सुमित नेगी कहां के रहने वाले थे?
सुमित नेगी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पाबौ ब्लॉक स्थित छानी गांव के निवासी थे.
❓ सुमित नेगी गोवा में क्या काम करते थे?
सुमित नेगी गोवा के एक होटल और नाइट क्लब में कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे और पिछले तीन महीनों से वहीं काम कर रहे थे.
❓ गोवा अग्निकांड में कुल कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में कुल 9 लोगों की मौत हुई, जिनमें उत्तराखंड के 5 युवक शामिल हैं.
❓ सुमित नेगी अपने परिवार में किसे छोड़ गए हैं?
सुमित नेगी अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और आठ महीने की मासूम बच्ची को छोड़ गए हैं.
❓ सुमित नेगी का अंतिम संस्कार कहां किया गया?
सुमित नेगी का अंतिम संस्कार हरिद्वार में पूरे विधि-विधान के साथ किया गया.
❓ गोवा अग्निकांड को लेकर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं और नाइट क्लब में सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है.
❓ पौड़ी (Pauri) जिले में इस घटना का क्या असर पड़ा?
घटना की खबर मिलते ही पूरे पाबौ ब्लॉक और आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई और लोग गहरे सदमे में हैं.