Haldwani
रामलीला मैदान शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का हल्ला बोल, 15 लोगों पर मुकदमे की मांग
Haldwani News : रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस के सामने मोर्चा खोल दिया है।
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रामलीला मैदान शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का हल्ला बोल
सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस को तहरीर सौंपते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, श्रीराम सेवा से जुड़े गिरीश पांडे समेत करीब 15 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज मुकदमे को भी अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने आरोप लगाया कि एक तरफ कांग्रेस की शिकायत पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ बेहद तेजी से एफआईआर दर्ज कर दी गई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को केवल राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि इसे सम्मान और सामाजिक भेदभाव से जुड़ा मुद्दा मानकर लड़ाई लड़ रही है।

खड़गे के अपमान का आरोप, एससी-एसटी एक्ट में कार्रवाई की मांग
यशपाल आर्या का कहना है कि रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण की घटना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में दलित समाज के प्रति भाजपा की मानसिकता उजागर हुई है।
कांग्रेस का कहना है कि पार्टी पहले भी पुलिस को इस संबंध में शिकायत दे चुकी है, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसी के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने साफ कहा कि कांग्रेस अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगी। यदि मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान के मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो पार्टी आंदोलन को और तेज कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।