Haridwar
महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ हरिद्वार, 300 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, दक्षेश्वर मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
Happy maha shivratri 2026 : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह शिवमय हो उठी है। तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही गंगा तटों और विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी, जो दिन चढ़ने के साथ जनसैलाब में बदल रही है।
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महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ हरिद्वार
महाशिवरात्रि के अवसर पर हरिद्वार के शिवमंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से वातावरण गूंजायमान है। श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक कर रहे हैं।
दक्षेश्वर महादेव मंदिर में लगी भक्तों की लंबी कतारें
विशेष रूप से हरिद्वार के कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सकें।

महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद बना अद्भुत संयोग
मंदिर के मुख्य प्रबंधक महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि इस वर्ष की महाशिवरात्रि अत्यंत विशेष है, क्योंकि करीब 300 वर्षों बाद ऐसा ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। उनके अनुसार ग्रहों की विशेष स्थिति और शुभ योग के कारण इस दिन किया गया पूजन, रुद्राभिषेक और व्रत अनंत गुना फलदायी माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चार पहर की पूजा, भस्म आरती और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है, जिससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। महंत रवींद्र पुरी ने श्रद्धालुओं से संयम, श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने की अपील करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का भी पावन अवसर है।