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कुंभ से पहले हरिद्वार में गैर-हिंदू प्रवेश निषेध की मांग तेज, गंगा सभा ने अधिकारियों-पत्रकारों से की ये अपील

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Haridwar : हरिद्वार कुंभ क्षेत्र और आसपास के गंगा घाटों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग लगातार तेज होती जा रही है। लगातार इसे गैर हिंदू क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग की जा रही है।

कुंभ से पहले हरिद्वार में गैर-हिंदू प्रवेश निषेध की मांग तेज

कुंभ से पहले हरिद्वार में गैर-हिंदू प्रवेश निषेध की मांग को लेकर गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अहिंदू प्रवेश निषेध की बात की जा रही है, तो वह किसी एक संस्थान तक सीमित नहीं है। चाहे कोई सरकारी विभाग हो, संस्थान हो या मीडिया कर्मी हो, कोई भी अहिंदू व्यक्ति कुंभ क्षेत्र और हर की पौड़ी में प्रवेश न करे—यही उनकी स्पष्ट अपील है।

घाटों पर गैर-हिंदू प्रवेश निषेध के लगाएं जाए बोर्ड

गंगा सभा का कहना है कि सनातन परंपरा, मां गंगा की धार्मिक अस्मिता और हर की पौड़ी की पवित्र व्यवस्था सर्वोपरि है। 1916 के म्युनिसिपल बायलॉज हमारी भावनाओं के आधार पर बने हैं और संवैधानिक अधिकारों के तहत इस व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए।

नितिन गौतम ने हाल ही में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग भेष बदलकर क्षेत्र में प्रवेश कर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि हर की पौड़ी और आसपास के घाटों पर गैर-हिंदू प्रवेश निषेध के बोर्ड लगाए जाएं, कानून और प्रशासन पूरी तरह सजग रहे और क्षेत्र की पवित्रता बनी रहे।

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गंगा सभा ने अधिकारियों-पत्रकारों से की ये अपील

गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने बताया कि इस विषय पर उनकी लगभग सभी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है और उनसे यह भी अपील की गई है कि उनके अधीनस्थ कोई भी गैर-हिंदू कर्मचारी इस क्षेत्र में तैनात न हो।

इसके साथ ही जिला सूचना अधिकारी और मीडिया संस्थानों से भी आग्रह किया जाएगा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में गैर-हिंदू पत्रकारों की ड्यूटी न लगाई जाए। गंगा सभा अध्यक्ष ने सभी सनातनियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि ये मुद्दा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और मां गंगा की मर्यादा से जुड़ा हुआ है।

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