Dehradun
मुख्यमंत्री के बेटी सशक्तिकरण के संकल्प से प्रेरित डीएम सविन बंसल का ‘नंदा-सुनंदा’ परियोजना से बेटियों को मिली नई उड़ान…
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बसंल द्वारा शुरू की गई “नंदा-सुनंदा” परियोजना, राज्य में बेटियों को सशक्त बनाने के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। यह परियोजना खास तौर पर उन होनहार बेटियों को सहयोग देती है जिनकी पढ़ाई खराब आर्थिकी और गरीबी के कारण बाधित हो रही थी।

इस योजना के तहत, अब तक 25 बालिकाओं को लाभ पहुंचाया जा चुका है। बालिकाओं की पहचान कर उन्हें शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। डीएम सविन बसंल ने कहा कि यह परियोजना उन बेटियों के सपनों को पंख देने का काम कर रही है जो शिक्षा में आगे बढ़ने का सपना देखती हैं लेकिन आर्थिक संकट उनके रास्ते में अड़चन डालते हैं।
डीएम सविन बंसल ने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा सबसे बड़ा उपकरण है, जो हमें सशक्त बनाने में मदद करता है। इसी उद्देश्य से इस परियोजना को लागू किया गया है। हमें अपनी शिक्षा के प्रति अपनी इच्छा शक्ति को मजबूत करना होगा और अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करनी होगी। यदि आप पढ़ाई में बाधाओं के बावजूद जुटे रहते हैं, तो नंदा-सुनंदा परियोजना हमेशा आपके साथ है। भविष्य में भी जिला प्रशासन की तरफ से इस प्रकार की मदद लगातार जारी रहेगी।”
मुख्य विकास अधिकारी ने भी इस परियोजना की सराहना की और कहा कि यह योजना निर्धन बालिकाओं को एक सशक्त और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए एक बड़ी पहल है। उन्होंने बताया कि योजना के बारे में जानकारी प्राप्त करके अधिक से अधिक बेटियों को लाभांवित किया जा सकता है।
बालिकाओं और उनके परिवारों ने किया आभार व्यक्त
इस अवसर पर, बालिकाओं और उनके परिजनों ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब वे बच्चों की शिक्षा के लिए चिंता मुक्त हो गए हैं। नंदा-सुनंदा योजना से उन्हें वह मदद मिल रही है जिसकी उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी। बालिकाओं ने यह विश्वास भी जताया कि इस योजना के तहत दी गई मदद को वे व्यर्थ नहीं जाने देंगे और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत और तन्मयता से कार्य करेंगे।
आज के कार्यक्रम में वितरित की गई धनराशि………..
कलेक्टेट में आयोजित कार्यक्रम में 06 बालिकाओं को कुल 3,02,774 का चेक प्रदान किया गया। जिनमें से:
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कु0 अनुष्का भट्ट (16 वर्ष) – 87,350 (10वीं)
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कु0 सानवी (20 वर्ष) – 25,000 (बीसीए)
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कु0 हिमांशी (15 वर्ष) – 48,400 (10वीं)
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कु0 सिद्वी (17 वर्ष) – 44,600 (11वीं)
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कु0 निधि (15 वर्ष) – 39,100 (9वीं)
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कु0 अनुमेहा शाह (13 वर्ष) – 58,324 (8वीं)
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