Uttarakhand
उत्तरकाशी: बादल फटने से धराली का प्राचीन कल्प केदार मंदिर चढ़ा आपदा की भेंट
Kalp Kedar Mandir Chadha Aapda Ki Bhet
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले का धराली गांव आज एक भीषण प्राकृतिक आपदा का गवाह बना। यहां बुधवार तड़के बादल फटने की वजह से भारी तबाही मची। गांव का मुख्य बाजार पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया है। कई मकान, होटल और दुकानें जमींदोज हो गई हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में चार लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य लापता हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।
सबसे बड़ा नुकसान धराली के प्रसिद्ध कल्प केदार मंदिर को हुआ है, जो बाढ़ की चपेट में आकर बह गया। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता था, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद अहम था। माना जाता है कि यह मंदिर केदारनाथ से भी प्राचीन है और महाभारत काल से इसका संबंध बताया जाता है। कत्यूर शिखर शैली में बने इस मंदिर की संरचना अद्वितीय थी, जिसमें गर्भगृह प्रवेश द्वार से करीब 7-8 मीटर नीचे स्थित था।

धराली गांव, गंगोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक लोकप्रिय पड़ाव था। चारधाम यात्रा के दौरान हज़ारों श्रद्धालु यहां रुकते थे और मंदिर के दर्शन करते थे। लेकिन आज इस रमणीय स्थल की तस्वीरें सिर्फ मलबा, टूटी सड़कें और उजड़े घरों में तब्दील हो गई हैं।
खीरगाड़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा तबाही, जहां बाढ़ ने चार लोगों की जान ले ली और कई के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। गांव के आसपास का इलाका, जो कभी हरे-भरे जंगलों और बर्फीली चोटियों के लिए जाना जाता था, अब मलबे और पानी से पटा पड़ा है।
राज्य सरकार और केंद्र की राहत एजेंसियां सक्रिय हो चुकी हैं। SDRF, NDRF, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और राहत-बचाव का काम युद्धस्तर पर जारी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन पर जानकारी लेकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
धराली का यह दर्दनाक मंजर न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए बल्कि चारधाम यात्रा से जुड़े हर श्रद्धालु के लिए एक गहरी क्षति है। कल्प केदार जैसे ऐतिहासिक मंदिर का इस तरह लुप्त हो जाना एक अपूरणीय सांस्कृतिक नुकसान है।
स्थिति पर निगरानी लगातार जारी है। प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और सभी से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।