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पिथौरागढ़ में मानकविहीन खाद्य पदार्थों पर करारा प्रहार, 3.70 लाख का लगा जुर्माना

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Pithoragarh News : पिथौरागढ़ जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय सलाहकार समिति (सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य सुरक्षा को लेकर जनपद में की गई कार्यवाहियों की गहन समीक्षा की गई और भविष्य की ठोस रणनीति तय की गई।

पिथौरागढ़ में मानकविहीन खाद्य पदार्थों पर करारा प्रहार

पिथौरागढ़ में पांच सितंबर 2025 से 19 जनवरी 2026 तक खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अवधि में 37 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। जिनमें जांच रिपोर्ट के आधार पर रसगुल्ला मिठाई और खोया बर्फी के दो नमूने मानकों के विपरीत पाए गए।

मानकों के उल्लंघन पर खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर किए गए। माननीय न्यायालय द्वारा दो मामलों का निस्तारण करते हुए कुल 3,70,000 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। जिसमें गाय के घी प्रकरण में 1.40 लाख रुपए और मस्टर्ड ऑयल प्रकरण में 2.30 लाख रुपए का जुर्माना शामिल है।

3.70 लाख का लगाया गया जुर्माना

खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण के अंतर्गत 157 लाइसेंस निर्गत किए गए। जिससे 1,80,700 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस दौरान 61 निरीक्षण किए गए। वीआईपी भ्रमण के दौरान परोसे जाने वाले खाद्य और पेय पदार्थों की जांच, गुंजी मैराथन-2025 में विभागीय ड्यूटी और न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी भी की गई।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों एवं राजकीय विद्यालयों में मिड-डे मील के अंतर्गत संचालित रसोईघरों और कैंटीन का एफएसएस एक्ट-2006 के तहत पंजीकरण, स्लॉटर हाउस, पृथक मीट मार्केट का निर्माण, सड़कों के किनारे खुले में खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक और एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर नियंत्रण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद्य सुरक्षा व गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को नियमित व सघन निरीक्षण अभियान चलाने, सड़क किनारे और खुले में खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने और मानकविहीन व एक्सपायरी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों एवं राजकीय विद्यालयों में संचालित सभी रसोईघरों और कैंटीन का अनिवार्य रूप से एफएसएस एक्ट-2006 के तहत पंजीकरण शीघ्र पूर्ण कराने के सख्त निर्देश दिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में स्लॉटर हाउस उपलब्ध नहीं हैं। वहां स्थानीय निकायों द्वारा चरणबद्ध कार्ययोजना के तहत स्लॉटर हाउस एवं पृथक मीट मार्केट के निर्माण के निर्देश भी दिए गए।

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