Uttarakhand
पिथौरागढ़: 5 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म का आरोपी 48 घंटे में गिरफ्तार, पहले भी जा चुका है जेल..
Pithoragarh News : मुख्य बिंदु
- त्वरित कार्रवाई: पुलिस ने शिकायत मिलने के मात्र 8 घंटे के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद किया।
- सीसीटीवी फुटेज से सुराग: 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की कड़ियों को जोड़कर आरोपी की पहचान की गई।
- आरोपी का पुराना इतिहास: आरोपी वर्ष 2022 में भी इसी तरह के अपराध में जेल जा चुका है और हाल ही में रिहा हुआ था।
- पुलिस टीम को इनाम: बेहतर कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) ने टीम को 5,000 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।
पूरी घटना और पुलिस का एक्शन प्लान
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक 5 साल की मासूम बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले का महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने न केवल बच्ची को सुरक्षित बरामद किया, बल्कि मुख्य आरोपी को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
यह मामला 23 जून को तब सामने आया जब कोतवाली पिथौरागढ़ में एक पीड़ित पिता ने अपनी 5 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और खोजबीन के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया गया।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से 8 घंटे में बरामदगी
जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने शहर के 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति बच्ची को अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची को टनकपुर तिराहे के पास से महज 8 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद जब बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया, तो उसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद मामले में पॉक्सो एक्ट समेत कई अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
आरोपी होशियार सिंह गिरफ्तार, निकला पुराना अपराधी
आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस ने करीब 50 और सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से विश्लेषण किया। आखिरकार आरोपी की पहचान होशियार सिंह (उम्र 35 वर्ष), निवासी रई धनौड़ा, पिथौरागढ़ के रूप में हुई। 25-26 जून की रात को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पुनेड़ी महर रोड के पास से आरोपी को दबोच लिया।
चौंकाने वाला खुलासा: पूछताछ में सामने आया कि आरोपी होशियार सिंह एक आदतन अपराधी है। वह साल 2022 में भी एक नाबालिग के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में जेल की हवा खा चुका है। वह इसी साल 14 मई 2026 को हरिद्वार जेल से पर्सनल बॉन्ड पर बाहर आया था और जेल से छूटते ही उसने दोबारा इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।
कड़ी कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज
पिथौरागढ़ पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 5/6 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर अपराधी को कठोरतम कारावास या मृत्युदंड तक का प्रावधान है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलवाएंगे।
जांबाज पुलिस टीम को नकद इनाम
इस चुनौतीपूर्ण केस को सुलझाने में कोतवाली पिथौरागढ़ की टीम ने दिन-रात एक कर दिया। आरोपी को पकड़ने वाली टीम का नेतृत्व उपनिरीक्षक कमलेश चन्द्र जोशी ने किया, जबकि हेड कांस्टेबल मुकेश शर्मा और कांस्टेबल पंकज गिरी ने बच्ची को ढूंढने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) पिथौरागढ़ ने पूरी टीम को ₹5,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।