Haridwar
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की गिरफ्तारी के बाद गुर्जर समाज में नाराजगी, 29 जनवरी को बुलाई महापंचायत….
हरिद्वार : उत्तराखंड में विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बीच की राजनीतिक और व्यक्तिगत लड़ाई अब समाज की लड़ाई में बदल चुकी है। दोनों नेताओं ने अब अपनी लड़ाई को अपने-अपने समाज के समर्थन से जोड़ दिया है। पहले सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर कटाक्ष करने वाले इन नेताओं के बीच विवाद अब हथियारों की नुमाइश और गोलीबारी के रूप में सामने आया है।
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के समर्थन में करेंगे महापंचायत का आयोजन:
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की गिरफ्तारी के बाद से गुर्जर समाज के लोग नाराज हैं। गुर्जर समाज के कई नेताओं ने कुंवर प्रणव सिंह के निवास लंढौरा रियासत में एकत्रित होकर प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने विधायक उमेश कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की तो फरवरी में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों में इसका असर सरकार को भुगतना होगा। किसान यूनियन पटेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कीरत सिंह ने कहा कि वे प्रशासन को समय देते हैं कि कुंवर प्रणव सिंह को जल्द जेल से रिहा किया जाए, नहीं तो 29 जनवरी को लक्सर में गुर्जर महासभा की पंचायत होगी।

29 जनवरी को लक्सर में होने वाली इस महापंचायत में गुर्जर समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन इस महापंचायत को लेकर अलर्ट है, क्योंकि प्रणव सिंह चैंपियन की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक सोशल मीडिया पर लगातार विरोध जता रहे हैं।
उमेश कुमार ने भी समाज की लड़ाई का दावा किया:
वहीं, इस मामले में विधायक उमेश कुमार भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने 31 जनवरी को लक्सर में ब्राह्मणों और अन्य समाज के लोगों के साथ बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। उमेश कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी सूचना दी और सभी समाजों को बैठक में शामिल होने का आमंत्रण दिया। यह साफ है कि अब दोनों नेता अपनी व्यक्तिगत लड़ाई को समाज की लड़ाई बना चुके हैं।
पुलिस की सख्त निगरानी:
हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि प्रशासन किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने देगा। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि कोई भी हिंसा या उत्पात फैलाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की टीमें दोनों नेताओं के कार्यालयों के बाहर तैनात हैं और स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है।