Dehradun
उत्तराखंड में जून में शुरू हो सकता है SIR, वोटर लिस्ट में नाम को लेकर है कोई भी कन्फ्यूजन तो ऐसे करें दूर
SIR in Uttarakhand : उत्तराखंड SIR अभियान को लेकर प्री-एसआईआर की प्रक्रिया लगातार जारी है। पिछले साल दिसंबर से शुरू हुए इस अभियान के अंतर्गत 27 मार्च 2026 तक राज्यभर में कुल 85.50 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग का काम पूरा हो गया है।
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उत्तराखंड में जून में शुरू हो सकता है SIR
उत्तराखंड में मतदाता सूची को लेकर कुछ अखबारों में आई खबरों के बाद अब चुनाव विभाग ने स्थिति साफ कर दी है। राज्य के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार जोगदंडे ने प्रेस वार्ता में बताया कि अभी राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू नहीं हुआ है। फिलहाल उसकी तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर की घोषणा नहीं हुई है लेकिन मई या जून के महीने तक उत्तराखंड में एसआईआर हो सकती है।
प्रदेश भर में 85.50 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग पूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्री एसआईआर के तहत 2025 की वोटर लिस्ट में शामिल नामों को 2003 की लिस्ट से मिलाया जा रहा है। जिन लोगों का नाम 2003 की लिस्ट में नहीं है, उनका रिकॉर्ड उनके माता-पिता के आधार पर जोड़ा जा रहा है। इस प्रक्रिया में अब तक करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जबकि देहरादून और उधम सिंह नगर में प्रगति थोड़ी धीमी है।

वोटर लिस्ट में नाम को लेकर है कोई भी कन्फ्यूजन तो ऐसे करें दूर
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि किसी भी मतदाता को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर किसी को अपने नाम को लेकर संदेह है तो वह अपने बीएलओ से संपर्क कर सकता है या भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम चेक कर सकता है। इसके अलावा 1950 टोल फ्री नंबर पर कॉल करके भी जानकारी ली जा सकती है।
उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों के सहयोग से राज्य में 19 हजार से ज्यादा बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए जा चुके हैं, जो घर-घर जाकर सत्यापन में मदद कर रहे हैं और मतदाता सूची अपडेट करने का काम लगातार आगे बढ़ रहा
‘बुक ए कॉल विद BLO’ से मिलेगी हर जानकारी
चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सेवा भी शुरू की है। इस सुविधा के जरिए मतदाता अपने बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से सीधे बातचीत के लिए कॉल शेड्यूल कर सकते हैं। इसके लिए मतदाता आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाकर या ECI-NET मोबाइल ऐप डाउनलोड कर कॉल बुक कर सकते हैं।
कॉल बुक होने के बाद अधिकतम दो दिनों के भीतर संबंधित बीएलओ मतदाता से संपर्क करता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एसआईआर शुरू होने से पहले प्री-एसआईआर चरण में ही अधिकतम मतदाताओं का सत्यापन और मैपिंग का कार्य पूरा किया जा सके।