Almora
हर आंख में आंसू: महादेव घाट पर जली एक साथ 11 चिताएं, मरचूला हादसे के शोक में पूरा क्षेत्र !
अल्मोड़ा: अल्मोड़ा के मरचूला में हुए दर्दनाक बस हादसे के जख्म अब भी लोगों को रुला रहे हैं। मंगलवार को कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र के 25 से ज्यादा गांवों में मातम पसरा हुआ था। जहां एक ओर हादसे में मृतक परिवारों के लोग गहरे सदमे में थे, वहीं दूसरी ओर महादेव घाट सल्ट पर 11 चिताओं का एक साथ दाह संस्कार किया गया।
इस दुखद घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने मिलकर मृतकों के परिवारों के साथ खड़े हो कर उन्हें अंतिम विदाई दी। शोक की इस घड़ी में हर कोई एक दूसरे को सांत्वना देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इस गम को सहन करना सबके लिए बेहद मुश्किल था। घाट पर उपस्थित लोग खुद को संजीव करते हुए अपनी आँखों से अश्रुपूरित हो उठे थे।
11 चिताओं के साथ जलाई गईं शवों की चिताएं
शोक में डूबे लोग शवों का अंतिम संस्कार करते वक्त घेरते हुए कह रहे थे कि उन्होंने कभी एक साथ इतनी चिताएं जलते नहीं देखी। उरेड़ा के ग्राम प्रधान सुरेश उनियाल, बीडीसी सदस्य रोहित रावत, सुभाष मौलेखी, अजनाल चौहान, भरत सिंह रावत, अर्जुन रावत और रोबिन रावत समेत कई लोग दुख जताते हुए कहते हैं कि यह हादसा सचमुच वज्रपात जैसा है, जो कई परिवारों पर गहरा प्रभाव छोड़ गया है।
हादसे में मारे गए लोग:
- दिनेश सिंह (ग्राम मंगरोसिरो, भैरगखाल)
- दर्शन लाल (ग्राम मझेड़ा)
- नीरज ध्यानी (ग्राम रुडोली)
- शक्ति कुमार (ग्राम राम परसोली)
- आयुष मंदोलिया (ग्राम पातल तल्ला, धुमाकोट)
- प्रवीन दत्त (ग्राम खेतुवाखल)
- दिव्यांशु बलोदी (ग्राम देवलाड)
- शंका देवी (ग्राम उड़ी मल्ला)
- विशाल सिंह (ग्राम जौन्दाली, धुमाकोट)
- प्रवीन सिंह (कुलेखखाल, केनाथ)
- सलोनी (कुलेखखाल, केनाथ)
गांवों में गहरा दुख और शोक:
हादसे के बाद, जब शवों का अंतिम संस्कार किया गया, तो उन गांवों में जो इस दुखद घटना के शिकार हुए थे, वहां का माहौल बेहद गमगीन था। रिश्तेदारों और मित्रों ने अपने अपने प्रियजनों को अंतिम बार अलविदा कहा। इस हादसे ने उन परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया।
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