Dehradun

UKSSSC परीक्षाओं में नहीं होगा बदलाव, अब परीक्षा केंद्रों पर सीधे आयोग की होगी नजर!

Published

on

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने साफ किया है कि आयोग की आगामी सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार परीक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा सख्त और हाईटेक होगी।

नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा, जो सीधे आयोग के मुख्यालय से लिंक रहेगा। इसके ज़रिए आयोग के अधिकारी परीक्षा केंद्र की हर गतिविधि पर सीधी नजर रख सकेंगे। पहले से मौजूद दो सीसीटीवी कैमरों के साथ यह तीसरा कैमरा सुरक्षा निगरानी को और मजबूत करेगा।

परीक्षा केंद्रों में जैमर लगे होने के कारण मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता,इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार हर परीक्षा केंद्र पर हॉटलाइन लैंडलाइन फोन की सुविधा दी जा रही है। इससे केंद्र का नियंत्रण कक्ष सीधे आयोग के कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा और आपात स्थिति में तुरंत संवाद हो सकेगा।

सख्त सुरक्षा व्यवस्था, देर से पहुंचने पर एग्जाम में नहीं मिलेगी एंट्री

आयोग ने निर्णय लिया है कि परीक्षा से कम से कम दो घंटे पहले यानी सुबह 8:30 बजे तक अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। परीक्षा 11 बजे शुरू होगी, और 10:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षा केंद्रों पर बायोमीट्रिक पहचान अनिवार्य होगी। कोई भी अभ्यर्थी बिना बायोमीट्रिक जांच के परीक्षा देता पाया गया, तो उसे आयोग की परीक्षाओं से प्रतिबंधित (डिबार) कर दिया जाएगा। इस बार परीक्षा केंद्रों पर क्लॉक रूम (अमानती कक्ष) की सुविधा नहीं दी जाएगी। यानी अभ्यर्थी को अपने साथ लाए गए सामान को परीक्षा केंद्र के बाहर स्वंय ही सुरक्षित रखना होगा।

5 अक्टूबर को होगी भर्ती परीक्षा

आयोग ने बताया कि 5 अक्टूबर को सहकारी निरीक्षक वर्ग-दो / सहायक विकास अधिकारी (सहकारी) के 45 पदों के लिए परीक्षा देहरादून और हल्द्वानी के 26 परीक्षा केंद्रों में कराई जाएगी। इसके प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट www.sssc.uk.gov.in
पर जारी कर दिए गए हैं। वहीं 12 अक्टूबर को सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-एक (रसायन विज्ञान) व प्राविधिक सहायक वर्ग-एक (अभियंत्रण शाखा) के 10 पदों की परीक्षा देहरादून के एक परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिव्यांग श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को श्रुतलेखक (scribe) की सुविधा दी जाएगी…ताकि उन्हें परीक्षा देने में कोई परेशानी न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Exit mobile version