Uttarakhand
uttarakashi: धराली में तबाही क्यों बनी भयावह? जानिए कैसे अचानक बढ़ा खीरगंगा का जलस्तर
uttarakashi – उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में एक बार फिर कुदरत का कहर टूटा है। मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे गांव के ऊपर खीरगंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से अचानक आए सैलाब ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। मात्र 20 सेकंड में मलबा और तेज बहाव का पानी धराली बाजार तक पहुंच गया, जिससे किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

तबाही का मंजर बाजार हुआ खाक मंदिर बहा
धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। कल्प केदार मंदिर, जो धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण था, भी इस आपदा में पूरी तरह मिट्टी में समा गया। सैकड़ों साल पुराना यह मंदिर अब सिर्फ यादों में रह गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे, लेकिन तेज बहाव ने सब कुछ अपने साथ बहा लिया। कई होटल, दुकानें, घर और सेब के बागीचे जमींदोज हो गए। हर तरफ चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया।
70 लापता, 4 की मौत, 130 लोगों को बचाया गया
अब तक की जानकारी के अनुसार, 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि करीब 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। 130 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 30 से ज्यादा घर, होटल और दुकानें मलबे में दबी बताई जा रही हैं।
पुरानी चेतावनियां, लेकिन कोई सबक नहीं
यह पहला मौका नहीं है जब खीरगंगा नदी के उफान ने धराली को नुकसान पहुंचाया है। 2017-18 और 2023 में भी यहां भारी तबाही हुई थी। इसके बावजूद न तो स्थानीय प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए, न ही लोगों ने चेतावनी को गंभीरता से लिया। इस बार भी सुरक्षा उपाय नाकाफी साबित हुए।
सेना, SDRF-NDRF मौके पर हर्षिल में बनाए गए राहत शिविर
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। जिला प्रशासन ने हर्षिल में राहत शिविर की स्थापना की है। डीएम प्रशांत आर्य और एसपी सरिता डोवाल मौके के लिए रवाना हो गए हैं।
केंद्र से मांगे हेलीकॉप्टर, मौसम बना बाधा
प्रदेश सरकार ने केंद्र से दो MI और एक चिनूक हेलिकॉप्टर मांगे हैं ताकि हवाई रेस्क्यू में तेजी लाई जा सके। हालांकि लगातार हो रही बारिश के चलते उड़ानें प्रभावित हैं। यूकाडा ने भी दो निजी हेलिकॉप्टर तैयार रखे हैं। जैसे ही मौसम साफ होगा, राहत कार्य और तेज होंगे।
“प्रभावितों की हरसंभव मदद की जाएगी: सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, “सभी एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और भोजन, स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर प्राथमिकता दी जा रही है।” उन्होंने सभी प्रभावितों को हरसंभव मदद देने के निर्देश दिए हैं।
बारिश का खतरा अभी टला नहीं
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देहरादून, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में येलो अलर्ट है। स्थिति और बिगड़ सकती है।
उत्तरकाशी में मौसम की अपडेट
अगले 24 घंटों में उत्तरकाशी जिले के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर तेज बारिश भी होने की संभावना है।
अगले 6 घंटे का अनुमान
आसमान आमतौर पर बादलों से ढका रहेगा। दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है