फिर से शुरू हुई विधानसभा बजट सत्र की कार्रवाई
विधानसभा के बजट सत्र की कार्रवाई एक बार फिर से शुरू हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी सदन में अपने विचार रख रहीं हैं।
Uttarakhand Budget 2026 : उत्तराखंड बजट सत्र 2026 की शुरूआत आज से हो गई है। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की भराड़ीसैंण विधानसभा में पांच दिवसीय बजट सत्र के पहले ही दिन विपक्ष का हंगामा देखने को मिल रहा है। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्रवाई दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
ग्रीष्मकालीन राजधानी में आज से उत्तराखंड का बजट सत्र शुरू हो गया है। सदन में राज्यपाल गुरमीत सिंह का अभिभाषण समाप्त हो गया है। राज्यपाल उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए सरकार का रोडमैप को रखा इसके साथ ही बीते साल की उपलब्धियों को भी सदन में रखा।

विधानसभा के बजट सत्र की कार्रवाई एक बार फिर से शुरू हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी सदन में अपने विचार रख रहीं हैं।
कांग्रेस ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों से बचना चाहती है। इसलिए सत्र की अवधि कम की गई है। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद बजट पेश करने पर आपत्ति जताई और कहा कि यह राज्यपाल के प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
कांग्रेसी विधायकों का कहना है कि इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब अभिभाषण के दिन ही बजट पेश किया जा रहा है। कहा कि बजट सत्र कम से कम 20 से 22 दिन का होना चाहिए। नियमावली में एक साल में सत्र 60 दिन चलना चाहिए, लेकिन इन चार वर्षो में सत्र केवल 32 दिन ही चल पाया है।
उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2047 तक राज्य को एक विकसित और समृद्ध प्रदेश बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दिशा में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे युवाओं में विश्वास बढ़ा है। साथ ही युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है और लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा राज्य सरकार पर्यटन को अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार मानते हुए इसे लगातार विकसित कर रही है। चारधाम यात्रा के बेहतर प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में वृद्धि पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्रवाई दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। बता दें कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेसी विधायकों ने सदन के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने सरकार पर प्रोटोकॉल उल्लंघन और परंपराओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया है।
बजट सत्र शुरू होने के साथ ही विपक्ष ने नारेबाजी की। नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी विधायक वेल में पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। राज्यपाल गुरमीत सिंह के अभिभाषण शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।