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उत्तराखंड: घर में घुसकर बेटी की हत्या…4 साल बाद मिला इंसाफ, एक को फांसी, दूसरे को उम्रकैद

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रुड़की (हरिद्वार): चार साल पहले जिस दर्दनाक वारदात ने रुड़की शहर को झकझोर कर रख दिया था अब उसमें न्याय की एक अहम झलक देखने को मिली है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश सिंह की अदालत ने शादी से इनकार करने पर युवती की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी हैदर अली को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि उसके साथी रिहान उर्फ आरिश को सश्रम आजीवन कारावास की सजा दी गई है।

बता दे कि घटना 24 अप्रैल 2021 की है…जब कृष्णानगर मोहल्ले में रहने वाली एक 19 वर्षीय युवती निधि उर्फ हंसी की उसके ही घर में घुसकर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। परिवार वालों के मुताबिक आरोपी हैदर अली लगातार निधि पर शादी का दबाव बना रहा था…लेकिन निधि ने साफ इनकार कर दिया था। इसी इनकार को अपनी बेइज्जती समझते हुए हैदर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस हैवानियत को अंजाम दिया था।

इस मामले में रुड़की के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव वर्मा और उनके बेटे हाईकोर्ट अधिवक्ता ने मजबूती से पैरवी की। पिता-पुत्र की इस कानूनी जोड़ी ने कोर्ट में लगातार ऐसे साक्ष्य पेश किए जिनके चलते आरोपी की जमानत याचिका बार-बार खारिज होती रही। उनकी मेहनत और ईमानदारी ने निधि के परिवार को इंसाफ की उम्मीद दी।

कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर हैदर अली को दोषी ठहराते हुए फांसी और 50,000 जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं दूसरे आरोपी रिहान को सश्रम आजीवन कारावास और 50,000 जुर्माना भुगतना होगा। इस मामले में शामिल तीसरे आरोपी…जो उस समय नाबालिग था उसका मामला अभी जुवेनाइल कोर्ट में लंबित है।

फैसले के बाद निधि के परिजनों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने अधिवक्ता संजीव वर्मा का आभार जताते हुए कहा कि भले बेटी वापस नहीं आ सकती…लेकिन कम से कम उसे इंसाफ तो मिला।

 

 

 

 

 

 

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