देहरादून : उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों की तैयारी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है और राज्य सरकार पहली बार उत्तराखण्ड में हो रहे इस भव्य आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राज्य सरकार ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए पंजीकरण प्रणाली को भी अंतिम रूप दे दिया है। गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी (जीटीसीसी) द्वारा पांच खेलों के लिए पंजीकरण प्रणाली तय कर दी गई है। इनमें हैंडबॉल, बीच हैंडबॉल, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल और बीच वॉलीबॉल शामिल हैं। जीटीसीसी ने राज्य खेल संघों के लिए तीन चरणों में पंजीकरण की अंतिम तिथि तय की है, जो 3 से 13 जनवरी 2025 तक होगी।
इस संबंध में जीटीसीसी की चेयरपर्सन सुनैना कुमारी ने एनएसएफ, एसओए, यूटीओए, एसएससीबी के अध्यक्षों, सचिवों और कोषाध्यक्षों को पत्र भेजा है। उत्तराखण्ड ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. डी.के सिंह ने बताया कि इन खेलों के संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर सहमति बनाने की आवश्यकता थी, जिसे अब जीटीसीसी के स्तर पर हल कर लिया गया है।
पंजीकरण प्रणाली के तहत, राष्ट्रीय खेल महासंघ अपने संबंधित खेलों के दिशा निर्देशों के अनुसार योग्य एथलीटों के नाम राज्य खेल संघों को प्रदान करेंगे। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और मानकीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
हैंडबॉल और बीच हैंडबॉल खेलों के लिए, 2023 में गोवा में हुए 37वें राष्ट्रीय खेलों की शीर्ष सात टीमों को 38वें राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। वहीं, ताइक्वांडो के लिए चयन प्रक्रिया देहरादून में आयोजित की जाएगी, जिसमें व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं के लिए एथलीटों का चयन किया जाएगा।
वॉलीबॉल और बीच वॉलीबॉल के लिए, 2022 में अहमदाबाद में हुए 36वें राष्ट्रीय खेलों की राज्य टीमों को उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
उत्तराखण्ड के इस भव्य आयोजन को लेकर राज्य सरकार और खेल संघों की ओर से तैयारियां तेजी से चल रही हैं, और यह खेल राज्य के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हो सकता है।