Dehradun
उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: स्थानीय ठेकेदारों को अब मिलेंगे 10 करोड़ तक के काम…
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के स्थानीय ठेकेदारों, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को बड़ा तोहफा दिया है। धामी सरकार ने उत्तराखंड अधिप्राप्ति (प्रोक्योरमेंट) नियमावली, 2017 में अहम संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब स्थानीय पंजीकृत ठेकेदारों को सरकारी विभागों से 10 करोड़ रुपए तक के कार्य दिए जा सकेंगे, जो पहले 5 करोड़ तक सीमित थे।
यह निर्णय 28 मई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। राज्य की भौगोलिक और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है, जिससे राज्य में स्थानीय रोजगार और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
प्रमुख निर्णयों की झलक:
10 करोड़ तक के कार्य अब स्थानीय ठेकेदारों को दिए जा सकेंगे।
स्वयं सहायता समूहों और MSMEs को क्रय वरीयता (Purchase Preference) मिलेगी।
SHG और MSME को 10% तक अधिक दर पर भी टेंडर दिए जा सकेंगे, जो पहले संभव नहीं था।
ईबीजी (Electronic Bank Guarantee) की सुविधा शुरू की जाएगी।
प्रोक्योरमेंट से संबंधित शिकायतों के लिए आईएफएमएस पोर्टल पर ग्रीवांस रिड्रेसल यूटिलिटी शुरू होगी।
वित्त सचिव दिलीप जावलकर का बयान: उन्होंने बताया कि पहले किसी भी टेंडर में भाग लेने के लिए अर्जेंट मनी (Earnest Money) को मैनुअली ऑफिस में जमा करना पड़ता था। अब ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के साथ-साथ ईबीजी की सुविधा लागू की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री धामी का बयान: राज्य सरकार समग्र विकास के साथ-साथ आम आदमी के जीवन स्तर को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय उत्पादों और उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।