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उत्तराखंड में हीटवेव का कहर, ऐसे में रखें अपना खास ख्याल, डिहाईड्रेशन को हल्के में ना लें !
Uttarakhand Heat Alert : उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। तापमान 40 डिग्री तक पहुंच रहा है। जिस कारण लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हीटवेव के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है।
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उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में हीटवेव का कहर
उत्तराखंड में इस समय जनता हीटवेव से जूझ रही है। अस्पतालों में डिहाईड्रेशन जैसी बीमारी की ओपीडी दिन प्रतिदिन बढ़ने लगी है। जब हीट वेव के विषय में नगर के सहोता हॉस्पिटल के स्वामी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रवि सहोता से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। ऐसे में सावधानी बरतनी जरूरी है।
डिहाईड्रेशन को हल्के में ना लें !
बता दें कि हमारी बॉडी 30 से 35 डिग्री गर्मी बर्दाश्त कर सकती है। इससे ऊपर 40 से 42 डिग्री गर्मी लोगों के लिए घातक साबित हो सकती है। हीट वेव के चलते लोगों को पानी की कमी हो जाती है जिसके चलते डिहाइड्रेशन जैसी बीमारी हो सकती है, जिसमें व्यक्ति को दस्त, उल्टी, जी मिचलाना, होता है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन इसे हल्के में भी नहीं लेना चाहिए।

12:00 से 4:00 के बीच जरूरी ना हो तो घर से बाहर ना निकलें
दोपहर 12:00 से 4:00 बजे तक खुद और अपने बच्चों को घर से न निकलने दें। इमरजेंसी के चलते सर को ढक कर चले और तरल पदार्थ का उपयोग समय-समय पर करते रहें। बाल विशेषज्ञ डॉक्टर रवि सहोता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां दवाई उपलब्ध या ओआरएस नहीं मिल पाता है तो घर में भी महिलाएं ओआरएस बना सकती हैं।
ऐसे रखें अपना खास ख्याल
ओआरएस बनाने की विधि 1 लीटर पानी में एक मुट्ठी चीनी और पांच चुटकी नमक और नींबू मिलकर ओआरएस बनाकर डिहाइड्रेशन के मरीज को पिला सकते हैं और अपने नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेकर इलाज करा सकते हैं।
कृष्णा हॉस्पिटल की फिजिशियन चिकित्सक सारिका भदोरिया ने बताया कि इस समय हीट वेव को लेकर ओपीडी में इजाफा हुआ है। डिहाइड्रेशन की बीमारी से ग्रस्त लोग अपना ख्याल रखें और नजदीकी चिकित्सकों से परामर्श लेकर ही अपना इलाज कराएं।