Uttarakhand
प्रदेश के 13 जिलों के 66 स्थानों पर आज एक साथ हुई मॉक ड्रिल, परखी गई व्यवस्थाएं
Uttarakhand News : उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है, हर साल मानसून राज्य में आपदा का कहर बरपाती है। उससे पहले आपदा प्रबंधन विभाग ने मॉक एक्सरसाइज की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आज प्रदेश के 13 जनपदों के 66 स्थानों पर एक साथ मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
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प्रदेश के 13 जिलों के 66 स्थानों पर एक साथ हुई मॉक ड्रिल
आज प्रदेश के सभी जिलों में 66 स्थानों पर एक साथ मॉक ड्रिल हुई। मुख्यमंत्री धामी स्वयं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) मुख्यालय पहुंचे। जहां आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक व अधिकारी मौजूद रहे। इस मॉक ड्रिल में भूस्खलन, सड़क बंद होने, बादल फटने और अन्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को धरातल पर परखा गया।
मॉक ड्रिल में परखी गई व्यवस्थाएं
राहत-बचाव दलों की त्वरित प्रतिक्रिया, मशीनरी की उपलब्धता और विभागों के आपसी समन्वय का लाइव परीक्षण किया गया। खास बात यह रही कि इस अभ्यास में शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ NDRF, ITBP और सेना जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल रहीं, ताकि किसी भी बड़ी आपदा में केंद्र-राज्य का संयुक्त रिस्पॉन्स सुनिश्चित हो सके।
सीएम धामी ने एक-एक जिले की तैयारियों का लिया फीडबैक
मुख्यमंत्री धामी USDMA कंट्रोल रूम से सभी 13 जनपदों के जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से जुड़े और एक-एक जिले की तैयारियों का फीडबैक लिया। जिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संसाधनों की तैनाती, संवेदनशील स्थानों की पहचान और रिस्पॉन्स टाइम की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आपदा से निपटने की ये तैयारी सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे। 24×7 अलर्ट मोड, त्वरित निर्णय और जीरो रिस्पॉन्स डिले के साथ काम हो, ताकि मानसून में जन-धन की हानि को कम किया जा सके।
आपदा से निपटने की तैयारियों का लिया गया जायजा
आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि इस मॉक ड्रिल के जरिए आपदा से निपटने की तैयारी के साथ ही मशीनरी को भी चेक किया गया है ऐसे संवेदनशील स्थान जहां पर भूस्खलन सहित तमाम आपदाएं आ सकती हैं उन 66 स्थान को चिन्हित किया गया और पूरे प्रदेश भर में एक साथ यहां मॉक ड्रिल आयोजित की गई ताकि आपदा की घड़ी में चुनौतियों से पार पाया जा सके।