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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए आंदोलनकारी करेंगे सामूहिक मुंडन, 15 से शुरू होगी पदयात्रा
Uttarakhand Politics : दिल्ली, कर्णप्रयाग, चौखुटिया, रुद्रप्रयाग में गरजे और देहरादून धरना स्थल पर 100 दिनों से अधिक के क्रमिक अनशन के बाद अब आर-पार की जंग शुरू हो गई है। उत्तराखंड की आत्मा और स्वाभिमान की लड़ाई अब अपने सबसे उग्र और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए करेंगे सामूहिक मुंडन
स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की जनता के साथ वर्षों से किया जा रहा छल अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति इससे पहले दिल्ली, देहरादून, कर्णप्रयाग, चौखुटिया और रुद्रप्रयाग में उग्र प्रदर्शन कर अपनी मंशा साफ कर चुकी है और देहरादून धरना स्थल पर लगातार 100 से अधिक दिनों का ऐतिहासिक क्रमिक अनशन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि ये आंदोलन अब किसी के रोके रुकने वाला नहीं है।
समिति 15 से शुरू करेगी पदयात्रा
समिति के मुख्य संयोजक पूर्व IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी, पार्थ रतूड़ी(पत्रकारिता छात्रा), गोपाल दत्त कुमेड़ी, सुधीर गैरोला और शैलेंद्र शेखर करगेती ने एक स्वर में हुंकार भरते हुए कहा कि सत्ता के नशे में सोई सरकारें कान खोलकर सुन लें कि जब तक गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न हम बैठेंगे और न ही सरकार को चैन से बैठने देंगे।

अब जंग सीधी और आर-पार की होगी – समिति
समिति का कहना है कि हमारी रगों में उत्तराखंड का खून दौड़ रहा है और ये लड़ाई हमारी अस्मिता व भावी पीढ़ियों के हक की है। हमने ‘प्रण से प्राण तक’ का अटूट संकल्प लिया है और अगर सरकार सोचती है कि वह समय टालकर हमें थका देगी, तो ये उसकी सबसे बड़ी ऐतिहासिक भूल होगी क्योंकि अब जंग सीधी और आर-पार की होगी।
गैरसैंण तक निकाली जाएगी पदयात्रा
सरकार की हठधर्मिता और वादाखिलाफी के जवाब में समिति ने ऐतिहासिक आंदोलनों का शंखनाद कर दिया है। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 को प्रातः 9:00 बजे से देहरादून विधानसभा के बाहर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के संकल्प और सरकार के खिलाफ रोष के प्रतीक स्वरूप सामूहिक मुंडन किया जाएगा।
इसके तुरंत बाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को प्रातः 9:30 बजे से विधानसभा के बाहर से देहरादून से गैरसैंण तक ऐतिहासिक महा-पदयात्रा का आगाज होगा।