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महिला आरक्षण बिल को लेकर उत्तराखंड में नहीं थम रही सियासत, BJP महिला मोर्चा की विपक्ष के लिए विशेष रणनीति तैयार

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Uttarakhand Politics : महिला आरक्षण बिल संसद में गिर जाने के बाद से ही देशभर में पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप की जंग थमने का नाम नहीं ले रही। वहीं उत्तराखंड में भी इस बिल को लेकर सियासत चरम पर है।

एक तरफ जहां भाजपा का आरोप है कि विपक्ष ने महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित किया है, तो वहीं दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी भाजपा पर दुष्प्रचार का आरोप लगा दिया। जिसके चलते अब भाजपा महिला मोर्चा ने आगामी 24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विभिन्न तरीके से विरोध प्रदर्शन कर विपक्ष को आईना दिखाने की विशेष रणनीति तैयार कर ली है।

महिला आरक्षण बिल को लेकर उत्तराखंड में नहीं थम रही सियासत

भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर नकारात्मक रवैये के विरोध में उत्तराखंड में महाआक्रोश अभियान शुरू किया है। मोर्चा मातृ शक्ति के साथ मिलकर विपक्ष के संसद में किए गए नारी अपमान को उजागर करेगा। पार्टी की महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट की माने तो कांग्रेस का यह रवैया देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।

विपक्ष ने हमेशा महिलाओं के अधिकार छीनने का किया काम

कैबिनेट मंत्री खजान दास का इसे लेकर कहना है कि विपक्ष के समर्थन के बगैर ये विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका। जिससे ये स्पष्ट होता है कि विपक्ष ने हमेशा से ही महिलाओं के अधिकारों को छीनने का काम किया है। मंत्री खजान दास ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने इस गंभीर विषय का संज्ञान लिया है और आवश्यकता पड़ने पर जल्द विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है, ताकि मातृशक्ति को उनका उचित सम्मान और अधिकार मिल सके।

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महिला आरक्षण बल के नाम पर भाजपा फैला रही भ्रम

भाजपा के हमलावर रुख को देखते हुए कांग्रेस ने भी सियासी दाव खेलना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट का कहना है कि महिला आरक्षण बल के नाम पर भाजपा आज पूरे देश भर में भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

कांग्रेस ने सवाल किया कि जब 2023 में इस बिल को पारित कर दिया गया था, तो उसी समय इसको लागू क्यों नहीं किया गया, इससे ये स्पष्ट होता है कि प्रदेश में आज भाजपा महिला पार्टी के इशारे पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर महिला आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

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