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उत्तराखंड में फिर से पेपर लीक !, UTU ने रद्द किए दो एग्जाम, व्हाट्सएप और पोर्टल पर प्रश्नपत्र शेयर करने के आरोप
UTU Paper Leak : एक ओर जहां देश में पेपर लीक को लेकर बवाल देखने को मिल रहा है। दिल्ली से लेकर देहरादून तक प्रदर्शन हो रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड से फिर से पेपर लीक होने की बात सामने आ रही है। पेपर लीक होने के कारण यूटीयू ने दो एग्जाम रद्द कर दिए हैं।
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उत्तराखंड में फिर से पेपर लीक !, UTU ने रद्द किए दो एग्जाम
दिल्ली में पेपर लीक के विरोध को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से भी परीक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) ने प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद दो सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इस फैसले से विश्वविद्यालय से संबद्ध 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के हजारों छात्रों की परीक्षा प्रभावित हुई है।
एग्जाम होने से पहले छात्रों तक पहुंचा प्रश्नपत्र
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी.के. पटेल के अनुसार, ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ और ‘इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा आयोजित होने से पहले ही छात्रों तक पहुंचने की शिकायत मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति के निर्देश पर जांच समिति का गठन किया गया। संबंधित संस्थान की आंतरिक जांच में भी आरोपों की पुष्टि हुई।

व्हाट्सएप और पोर्टल पर प्रश्नपत्र शेयर करने के आरोप
जांच में सामने आया कि शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने कथित रूप से प्रश्नपत्र छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप और एक ऑनलाइन पोर्टल पर साझा किए। जांच रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया है।
दोनों विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द
प्रश्नपत्र लीक होने के बाद विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। अब इन परीक्षाओं का आयोजन अगस्त के तीसरे सप्ताह में किया जाएगा। नई परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को परीक्षा की गोपनीयता और निगरानी व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर कड़ी चेतावनी भी जारी की है। विश्वविद्यालय ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने की बात कही है।