देहरादून: उत्तराखंड में महिलाओं के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, निजी क्षेत्रों में भी महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। यह प्रावधान महिला नीति के माध्यम से किया जा रहा है। मंगलवार को हुई बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंत्री आर्या ने कहा कि यह नीति महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वरोजगार, सुरक्षा और आर्थिकी के दृष्टिकोण से सशक्त बनाने का काम करेगी। इसके तहत राज्य के सभी 60 विभागों में महिला कल्याण के लिए विशेष बजट निर्धारित किया जाएगा। बैठक में महिला सशक्तिकरण विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक प्रशांत आर्य, महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल और सीपीओ मोहित चौधरी समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सिंगल विंडो सुविधा
बैठक में यह भी बताया गया कि नीति में पहाड़, मैदान और ग्रामीण क्षेत्रों की महिला उद्यमियों का खास ध्यान रखा जाएगा। उनके स्वरोजगार के पेटेंट से लेकर मार्केटिंग की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कोरोना काल के अनाथ बच्चों के लिए सहायता
इसके अलावा, मंत्री आर्या ने कोरोना काल में अनाथ हुए लगभग 5,600 बच्चों के लिए सितंबर और अक्टूबर माह में 3 करोड़ 38 लाख 10 हजार रुपये उनके खातों में हस्तांतरित किए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला नीति के तहत किसी भी संस्थान में महिलाओं की शिकायत सुनने के लिए एक विशेष समिति होगी, चाहे शिकायतकर्ता एक ही महिला हो। इस समिति के अनुश्रवण के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, ताकि महिलाओं की समस्याओं का समाधान किया जा सके।
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