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उत्तराखंड को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी दिलाने की ओर बड़ा कदम, मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री से की मुलाकात

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देहरादून: उत्तराखंड को बेहतर हवाई संपर्क और पर्यटन के नए अवसर दिलाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से दिल्ली में मुलाकात की और राज्य के विमानन क्षेत्र से जुड़े तमाम अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा अब तक राज्य को मिले सहयोग के लिए उत्तराखंडवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। खास तौर पर उन्होंने एयरपोर्ट्स पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के तहत कियोस्क लगाए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने मानसून के बाद चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवाओं को फिर से शुरू करने की योजना की जानकारी भी केंद्रीय मंत्री को दी। उन्होंने कहा कि यह विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उन्होंने बताया कि इस विषय पर राज्य और केंद्र के संबंधित विभागों के बीच समन्वय लगातार जारी है।

01 सितंबर को हुई उच्चस्तरीय बैठक में भी हेली सेवाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए कई अहम सुझाव सामने आए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवाएं जहां यात्रा को आसान बनाएंगी, वहीं सड़क मार्गों पर भी दबाव कम करेंगी।

मुख्यमंत्री ने राज्य के दूरदराज़ और पहाड़ी इलाकों की भौगोलिक चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि राज्य का 70% से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वहां हवाई संपर्क सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि ज़रूरत है। उन्होंने खासतौर पर गौचर (चमोली) और चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) की हवाई पट्टियों को छोटे विमानों के संचालन के लिए विकसित करने और इन्हें दिल्ली, देहरादून और हिंडन से जोड़ने की मांग रखी।

मुख्यमंत्री ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर रात्रिकालीन उड़ानों की शुरुआत की मांग करते हुए कहा कि इससे यात्रियों को और ज्यादा विकल्प मिलेंगे और आवागमन सुगम होगा। इसके साथ ही उन्होंने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर भी चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार की ओर से ज़रूरी कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से अपील की कि काम में और देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली से पिथौरागढ़ के लिए नियमित उड़ान शुरू करने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह सेवा न केवल पर्यटन के लिहाज से बल्कि सुरक्षा और मानवता के दृष्टिकोण से भी अहम है। साथ ही उन्होंने गौचर और चिन्यालीसौड़ में हवाई सेवाएं शुरू करने के लिए निरीक्षण और आवश्यक कार्यवाही जल्द शुरू करने की अपील की।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने मुख्यमंत्री की सभी मांगों और प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए हवाई संपर्क बेहद जरूरी है, और मंत्रालय इसे प्राथमिकता से देख रहा है।

मुख्यमंत्री की यह मुलाकात उत्तराखंड के हवाई नक्शे को नया आकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अगर प्रस्तावों पर जल्द अमल होता है, तो न सिर्फ राज्य के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन, मेडिकल इमरजेंसी और नागरिक आवागमन में भी सुधार देखने को मिलेगा।

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