big news

कौन हैं IPS प्रमेंद्र डोभाल ?, जिन्हें सौंपी गई राजधानी देहरादून की कमान, जानें यहां

Published

on

IPS Pramendra Dobhal : असफलता से IPS के शिखर तक, देहरादून के नए कप्तान प्रमेंद्र डोभाल की अनकही कहानी

IPS Pramendra Dobhal : राजधानी देहरादून में 14 दिनों में 4 हत्याओं की घटनाएं सामने आने के बाद से ही पुलिस महकमे में बड़े बदलाव की चर्चाएं हो रही थी। 15वें दिन सुबह-सुबह हुई पांचवी हत्या ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया। शाम होते-होते एक आदेश जारी हुआ और चर्चाओं पर विराम लग गया। ये आदेश पुलिस महकमे में बड़े बदलाव का था। जिसमें राजधानी देहरादून के एसएसपी अजय सिंह को हटाते हुए IPS प्रमेंद्र डोभाल को दून की जिम्मेदारी सौंपी गई।

कौन हैं IPS प्रमेंद्र डोभाल ?

IPS प्रमेंद्र डोभाल को देहरादून का नया एसएसपी बनाया गया है। ये सिर्फ खबर नहीं पदस्थापना की खबर नहीं बल्कि उस शख्सियत के संघर्ष की गाथा है जिसने ये साबित कर दिया कि ‘मार्कशीट के नंबर’ भविष्य का फैसला नहीं कर सकते।

प्रमेंद्र डोभाल का जन्म उत्तराखंड में एक साधारण परिवार में हुआ और उनका बचपन अनुशासन और संघर्ष के बीच बीता। पहाड़ों की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाया। ये वही अधिकारी हैं जो दसवीं में फेल हो गए थे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वो आईपीएस अधिकारी हैं।

असफलता से IPS के शिखर तक

आईपीएस प्रमेंद्र डोभाल की कहानी में सबसे प्रेरणादायक मोड़ उनकी 10वीं कक्षा में आया जब वो फेल हो गए। आज के दौर में जहां छात्र एक-दो अंक कम आने पर अवसाद में चले जाते हैं, वहीं उन्होंने हाईस्कूल में फेल होने के बाद भी हार नहीं मानी।

IPS Pramendra Dobhal

एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने जीवन का ये किस्सा साझा करते हुए बताया था कि उस समय समाज और आसपास के लोगों का नजरिया बदल गया था। लेकिन उस विफलता ने उनके भीतर एक ऐसी आग जला दी जिसने उन्हें ‘साधारण’ से ‘असाधारण’ बना दिया। उन्होंने हार मानने के बजाय दोगुनी मेहनत से पढ़ाई की और अपनी शिक्षा पूरी की। ये उनके जीवन का वो “EEAT” फैक्टर है जो उन्हें युवाओं के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक (Expert) बनाता है।

खाकी का सफर : PPS से IPS तक का गौरवमयी मार्ग

प्रमेंद्र डोभाल का पुलिस सेवा में करियर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। उन्होंने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की और प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला। एक PPS अधिकारी के रूप में उन्होंने चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जैसे संवेदनशील जिलों में काम किया।

व्यक्तिगत जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा

प्रमेंद्र डोभाल केवल वर्दी तक सीमित नहीं हैं। वो एक अच्छे पाठक और खेल प्रेमी भी हैं। अक्सर वो स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों से संवाद करते हैं। उनका एक ही संदेश होता है:

“अगर मैं 10वीं में फेल होने के बाद यहाँ तक पहुँच सकता हूँ, तो दुनिया का कोई भी छात्र कुछ भी हासिल कर सकता है।”

उनकी सादगी का आलम यह है कि वह अक्सर बिना तामझाम के औचक निरीक्षण पर निकल जाते हैं ताकि जमीनी हकीकत जान सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Exit mobile version