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Angel Chakma के हत्यारे पर 25 हजार का इनाम घोषित, गिरफ्तारी के लिए नेपाल से मांगा गया सहयोग
Angel Chakma : शांत वादियों के लिए मशहूर देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से बीते दिनों ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। दून में भारतीय होने के बावजूद नार्थ ईस्ट के एक युवक को नस्लीय भेदभाव झेलना पड़ा। इतना ही नहीं विरोध करने पर उस पर हमला किया गया और कई दिन जिंदगी और मौत के बीच झूलन के बाद उसकी मौत हो गई।
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Angel Chakma के हत्यारे पर 25 हजार का इनाम घोषित
देहरादून में हुई नस्लीय भेदभाव के बाद हुई एंजेल चकमा की हत्या (Angel Chakma murder ) के बाद पूरे देश में उबाल है। इस मामले में पुलिस एक्शन मोड में कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने हत्यारे नेपाल के युवक पर 25 हजार का इनाम घोषित किया है। हत्यारे की तलाश के लिए पुलिस टीम नेपाल भेजी गई है।
इसके साथ ही मामले में गिरफ्तारी जल्द हो सके इसके लिए नेपाल सरकार से भी सहयोग मांगा गया है। अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से दो नाबालिग हैं। जबकि मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी पुत्र चेतराम अवस्थी फरार है।
चाइनीज, चिंकी, मोमो कहने का विरोध करने पर कर दी हत्या
बता दें कि 24 वर्षीय MBA स्टूडेंट एंजेल चकमा अपने भाई के साथ सब्जी लेने के लिए गया था। लेकिन इस दौरान 6 युवकों ने उन्हें चाइनीज, चिंकी, मोमो कहकर चिढ़ाया तो उन्होंने इसका विरोध किया। लेकिन युवकों ने Angel Chakma और उनके भाई पर चाकू और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। जिसमें एंजेल गंभीर रूप से घायल हो गए। 17 दिन जिंदगी-मौत से जूझने के बाद 26 दिसंबर को एंजेल जिदंगी की जंग हार गए।

एंजेल की पोर्सटमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि आरोपियों ने चाकू से सिर, गर्दन, पीठ और पेट पर कई हमले किए थे। जिस कारण एंजेल की दिमाग और रीढ़ की हड्डी में गहरे घाव हो गए थे और उनका पैर और शरीर का दायां हिस्सा पूरी तरह सुन्न हो गया था। ज्यादा खून बहने के कारण उनकी मौत हो गई।
Angel Chakma की हत्या से पूर्वोत्तर भारत में आक्रोश
देहरादून में नस्लीय भेदभाव के कारण एंजेल चकमा की हुई हत्या के कारण पूर्वोत्तर भारत के लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। नस्लीय भेदभाव के कारण मारे गए एंजेल के लिए लोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं। पूरे देश में एंजेल के लिए न्याय की मांग की जा रही है।
इस घटना से पूर्वोत्तर भारत के लोगों में इस कदर आक्रोश है कि लोग नार्थ इस्ट को अलग देश बनाने की मांग कर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आज से नहीं बल्कि लंबे समय से देश के लगभर हर इलाके में उन्हें नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ता है। हर जगह लोग उन्हें चाइनीज, चिंकी, मोमो कहकर चिढ़ाते हैं। लेकिन इस घटना ने तो सारी हदें की पार कर दी हैं। अगर हमें अन्य भारतीयों की तरह सम्मान नहीं दिया जा सकता है तो नॉर्थ ईस्ट को अलग देश घोषित कर दिया जाना चाहिए।