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पटवारी की संदिग्ध मौत पर बवाल, परिजनों ने थाने का किया घेराव

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काशीपुर: काशीपुर में बीती 27 अगस्त को संदिग्ध हालात में पटवारी दौलत सिंह की मौत के मामले ने आज तूल पकड़ लिया। शुक्रवार को मृतक के परिजन, कांग्रेसी विधायक आदेश चौहान और भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट सौरभ कुमार के साथ मिलकर आईटीआई थाने का घेराव करने पहुंचे।

आक्रोशित परिजनों ने पुलिस पर मामले की जांच में लापरवाही का आरोप लगाया और 4 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया कि अगर तब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

संदिग्ध हालात, बदलते बयान और कई सवाल

बता दें कि दौलत सिंह, जो वर्तमान में बाजपुर तहसील में पटवारी के पद पर तैनात थे, उनका शव काशीपुर के प्रकाश सिटी स्थित किराए के आवास में 27 अगस्त को मिला था।

मृतक के परिजनों का कहना है कि मौके पर दौलत सिंह की पत्नी ललिता और उसकी सास मौजूद थीं।
शुरुआती बयान में कभी आत्महत्या तो कभी हार्ट अटैक की बात कही गई, जिससे परिजन और अधिक शक में आ गए।

मृतक के भाई ने गंभीर सवाल उठाए:

मौके से तीन बेल्ट क्यों मिलीं?

पंखा बिल्कुल सही हालत में था, फिर फंदा कैसे लगा?

जो दुपट्टा बरामद हुआ, वह ललिता के सूट से मेल खाता है — क्या ये महज संयोग है?

थाने में तीखी बहस, परिजनों ने कहा— निष्पक्ष जांच चाहिए

आईटीआई थाने पहुंचे मृतक दौलत सिंह के परिजनों ने कहा कि पुलिस एक सिरे से मामले को आत्महत्या बताकर दबाना चाहती है, जबकि कई ऐसे सबूत और परिस्थितियाँ हैं जो गहराई से जांच की मांग करती हैं।

कांग्रेस विधायक आदेश चौहान ने पुलिस को चेताते हुए कहा कि अगर दौलत सिंह ने आत्महत्या भी की है, तो सवाल ये है कि क्यों किया? उसके पीछे कौन लोग थे? उसे इस हद तक किसने पहुंचाया? ये सब जानना ज़रूरी है।

पुलिस का जवाब — निष्पक्ष जांच का भरोसा

इस बीच काशीपुर सीओ दीपक सिंह और आईटीआई थानाध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर 4 सितंबर तक जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

सीओ ने कहा परिजनों द्वारा दी गई तहरीर और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। हर पहलू से मामले को देखा जा रहा है।”

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