Dehradun
अतिवृष्टि पर मुख्यमंत्री धामी की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश
देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को आईटी पार्क स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र से प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों से बातचीत की और जिलों में बारिश, सड़कों की स्थिति, चारधाम और कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं के साथ-साथ विद्युत, पेयजल और अन्य मूलभूत जरूरतों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून सीजन में सभी अधिकारी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहें। बारिश के पूर्वानुमान की जानकारी आम जनता तक तुरंत पहुंचाई जाए, ताकि किसी भी जान-माल के नुकसान को रोका जा सके। इसके लिए जिला, तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि बारिश की वजह से बाधित सड़कों को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए और भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों में सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध रहें। मुख्यमंत्री ने खास जोर देते हुए कहा कि रिस्पांस टाइम कम से कम रखा जाए, ताकि बारिश से जनजीवन पर असर न पड़े।
मुख्यमंत्री ने पर्वतीय जिलों में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान का स्टॉक सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोगों के आवागमन में कोई दिक्कत न हो और संपर्क मार्ग बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तुरंत लागू की जाएं।
उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी जिले से करंट लगने की घटनाओं की शिकायतें न आएं। शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही, सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट समय पर हो।
मुख्यमंत्री ने नदियों के बढ़ते जलस्तर की नियमित निगरानी के भी निर्देश दिए और कहा कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की जानकारी लगातार दी जाए। यदि बारिश के कारण यातायात प्रभावित होता है, तो श्रद्धालुओं को ठहराव स्थलों पर भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनन्द स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी और सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।