Dehradun
सीएम धामी ने किया ITBP के ‘हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025’ का शुभारंभ, 1032 किमी लंबा सफर तय करेगा दल
देहरादून – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) के ‘हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान साहस, समर्पण और सीमा पर हमारी मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है।
इस मौके पर सीएम धामी ने अहमदाबाद विमान हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा।
मुख्यमंत्री ने ITBP के जवानों का स्वागत करते हुए कहा, “यह सिर्फ एक ट्रैकिंग अभियान नहीं, बल्कि सीमावर्ती इलाकों की निगरानी, संस्कृति और परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। हमारा 45 सदस्यीय दल उत्तराखंड से हिमाचल होते हुए लद्दाख तक 1032 किलोमीटर की कठिन यात्रा करेगा।”
उन्होंने कहा कि यह दल धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की पहचान करेगा, स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देगा और सामरिक दृष्टि से अहम इलाकों की निगरानी भी करेगा। साथ ही यह अभियान ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना को भी ताकत देगा।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की वीरभूमि ने देश को हजारों सैनिक दिए हैं, जो सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। शहीदों के परिवारों को मिलने वाली सहायता राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख की गई है। वीरता पुरस्कार पाने वाले जवानों को भी अब ज्यादा सहायता दी जा रही है। साथ ही, उन्हें सरकारी नौकरियों में समायोजन की अवधि भी 2 से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने पूर्व सैनिकों और वीरता पुरस्कार विजेताओं को बस यात्रा में छूट, स्टांप ड्यूटी में राहत और बेटियों की शादी के लिए आर्थिक मदद जैसी योजनाएं शुरू की हैं, ताकि उन्हें हर मोर्चे पर सहयोग मिल सके।
आईटीबीपी के आईजी संजय गुंज्याल ने जानकारी दी कि यह अभियान कुल 27 घाटियों और 27 दर्रों को पार करेगा। इस दौरान दल 1032 किलोमीटर का सफर तय करेगा और 84 वाइब्रेंट विलेज से होकर गुजरेगा। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों को 3.5 लाख फलदार पौधे भी बांटे जाएंगे, जिससे क्षेत्र की हरियाली और आजीविका को बल मिलेगा।
इस मौके पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, गृह सचिव शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ, आईजी आईटीबीपी गिरीश चंद्र उपाध्याय और आईटीबीपी के जवान भी मौजूद थे।