Dehradun
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त , जनहित से जुड़े 25 प्रस्तावों को मिली मंजूरी…
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार शाम सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक कई मायनों में अहम रही। करीब दो महीने के अंतराल के बाद हुई इस बैठक में जनहित से जुड़े कुल 25 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक शाम 6:25 बजे शुरू हुई और यह लगभग चार घंटे तक चली।
प्रमुख निर्णय:
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उत्तराखंड कीवी नीति को मंजूरी:
2025-26 से 2030-31 तक राज्य में कीवी उत्पादन क्षेत्र को 682 हेक्टेयर से बढ़ाकर 3500 हेक्टेयर किया जाएगा। इस योजना के तहत 12 लाख रुपये प्रति एकड़ की लागत पर 50 से 70% तक सब्सिडी दी जाएगी। -
ड्रैगन फ्रूट खेती योजना को स्वीकृति:
अगले 5 वर्षों में 282 एकड़ भूमि पर ड्रैगन फ्रूट की खेती की जाएगी, जिससे लगभग 450 किसानों को लाभ होगा। योजना में 80% तक सब्सिडी दी जाएगी। -
राज्य मिलेट नीति और सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना में संशोधन:
किसानों को नई नीतियों के तहत आर्थिक सहायता और विपणन में सुविधा दी जाएगी। -
संस्कृत ग्राम योजना:
प्रत्येक जिले में एक गांव को संस्कृत ग्राम घोषित किया जाएगा। वहां अगले तीन वर्षों तक एक प्रशिक्षक नियुक्त किया जाएगा, जिसे 20,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। -
सेब तुड़ाई के बाद प्रबंधन योजना:
सेब उत्पादकों को सब्सिडी के माध्यम से समर्थन प्रदान किया जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले:
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अर्द्ध-नगरीय पेयजल योजना के लिए विश्व बैंक से प्राप्त धनराशि में वृद्धि को मंजूरी।
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स्टांप ड्यूटी फिक्सेशन: आवासीय कॉलोनी प्रमोटर्स और RWA के बीच रजिस्ट्री पर ₹10,000 की स्टांप ड्यूटी तय की गई।
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विज्ञान परिषद समायोजन: उत्तराखंड राज्य विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में समायोजित किया जाएगा।
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शिरोलीकला (उधमसिंहनगर) को नगर पालिका का दर्जा।
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रिस्पाना नदी फ्लड ज़ोन के लिए अधिसूचना जारी।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों, युवाओं और जनसामान्य को लाभ पहुंचाते हुए उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाना है।
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