Dehradun
DEHRADUN NEWS: दून लाइब्रेरी में “हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का लोकार्पण, तापस चक्रवर्ती की किताब को मिल चुके कई बड़े सम्मान
देहरादून में साहित्यकार तापस चक्रवर्ती की पुस्तक “हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का लोकार्पण
DEHRADUN NEWS: देहरादून स्थित दून लाइब्रेरी एवं रिसर्च सेंटर में 4 अप्रैल 2026 को वरिष्ठ साहित्यकार तापस चक्रवर्ती की चर्चित पुस्तक “हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का भव्य लोकार्पण और परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस अवसर पर साहित्य और शिक्षा जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे.
मुख्य बिंदु
हम्पी के इतिहास पर आधारित है पुस्तक
ये पुस्तक हम्पी जैसे ऐतिहासिक नगर पर आधारित है, जो कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था. लेखक ने इस कृति में हम्पी के उत्कर्ष और पतन की पूरी कहानी को विस्तार से प्रस्तुत किया है. 14वीं सदी में जहां ये नगर विश्वभर में अपनी समृद्धि और वैभव के लिए प्रसिद्ध था, वहीं 16वीं सदी में तालीकोटा का युद्ध के बाद इसका पतन शुरू हो गया.
पुस्तक में शामिल हैं ये महत्वपूर्ण पहलू
पुस्तक में इतिहास के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को समाहित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- विजयनगर साम्राज्य का संक्षिप्त इतिहास
- शासकों का परिचय और उनके शासन की प्रमुख घटनाएं
- विदेशी यात्रियों के अनुभव
- हम्पी के खंडहरों और स्थापत्य कला का विवरण
- विजय विट्ठल और विरुपाक्ष मंदिरों का महत्व
- महलों और राजसी इमारतों की संरचना
- उस समय के धर्म और संप्रदाय की स्थिति
कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित
ये पुस्तक वर्ष 2025 में “Valley of Words” के नॉन-फिक्शन वर्ग में शॉर्टलिस्ट हो चुकी है.
इसके अलावा इसे कादंबरी संस्था, जबलपुर द्वारा “साहित्य सरस्वती सम्मान” और लिटरेचर लाइट पब्लिशिंग द्वारा एशिया का प्रतिष्ठित “स्पर्श साहित्य सम्मान” भी मिल चुका है.
कौन हैं तापस चक्रवर्ती
तापस चक्रवर्ती हाल ही में केंद्रीय जीएसटी विभाग से सहायक आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. वे एक अनुभवी लेखक हैं और अब तक उनके पाँच यात्रा-वृत्तांत प्रकाशित हो चुके हैं.
इस कार्यक्रम में डा. सुरेखा डंगवाल, कुलपति दून विश्वविद्यालय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. वहीं डा. जितेन ठाकुर और वरिष्ठ साहित्यकार मुकेश नौटियाल ने पुस्तक पर अपने विचार साझा किए. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि डा. बुद्धिनाथ मिश्र ने की. डा. चन्द्रशेखर तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि डा. भारती मिश्र ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया.