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दीपावली से पहले दिल्ली की हवा हुई जहरीली: AQI 300 के पार..

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दीपावली से पहले ही राजधानी दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा बिगड़ने लगी है। शुक्रवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ स्तर पर पहुंच गया, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार चला गया। यह स्तर सेहत के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता है। गुरुवार को भी कई इलाकों में AQI ‘बहुत खराब’ स्तर पर रहा।

पराली जलाने और पटाखों का प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने और दीपावली के दौरान पटाखों के धुएं के कारण हर साल दिल्ली में वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्तर तक पहुंच जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे प्रदूषण से बचने के लिए सावधानी बरतें।

पीएम 2.5 का खतरा

वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से, प्रदूषित हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5) से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के अनुसार, PM 2.5 के संपर्क में रहने वाले लोगों में कैंसर का खतरा अधिक होता है।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा

वायु प्रदूषण का बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे अधिक दुष्प्रभाव होता है। यह फेफड़े, हृदय और तंत्रिकाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी चेतावनी दी है कि प्रदूषण के संपर्क में रहने से स्ट्रोक, हृदय रोग, और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।

गर्भावस्था और मस्तिष्क स्वास्थ्य पर प्रभाव

प्रदूषण गर्भावस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, जैसे कि जन्म के समय वजन में कमी या समय से पहले बच्चे का जन्म। इसके अलावा, अध्ययन बताते हैं कि वायु प्रदूषण मस्तिष्क में संरचनात्मक परिवर्तन कर सकता है, जो अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।

हृदय स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव

बढ़ते वायु प्रदूषण का हृदय स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। पीएम 2.5 जैसे कण फेफड़ों में गहराई तक जाकर रक्त वाहिकाओं और हृदय को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे दिल का दौरा और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

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