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काशीपुर में द्रोणा सागर इलाके से पकड़ा गया 6वां तेंदुआ, लोगों ने ली राहत की सांस
Kashipur News : उत्तराखंड में वन्यमानव जीव संघर्ष बढ़ता ही जा रही है। आए दिन तेंदुए, भालू और बाघ के हमले की खबरें सामने आती रहती हैं। पहाड़ों पर तो जंगली जानवरों का आतंक देखने को मिल रही रहा है। लेकिन मैदानी इलाके भी इस अछूते नहीं है।
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काशीपुर में द्रोणा सागर इलाके से पकड़ा गया 6वां तेंदुआ
काशीपुर में लंबे समय से तीर्थ द्रोणा सागर और चैती मेला परिसर के आसपास गुलदार दिखने से दहशत का माहौल था। गुलदार द्वराा कई पालतू और लावारिस कुत्तों को अपना शिकार बनाने के कारण लोगों में डर था। वन विभाग की टीम ने इस इलाके से एक नहीं दो नहीं बल्कि छह तेंदुओं को पकड़ा है।
तेंदुएं की मूवमेंट के कारण डर के साए में जी रहे थे लोग
द्रोणा सागर क्षेत्र में सुबह लोग मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं। लेकिन इस इलाके में लगातार तेंदुएं की मूवमेंट के कारण लोग डर के साए में जीने को मजबूर हो गए थे। स्थानीय लोग लगातार इसे पकड़ने की मांग कर रहे थे। लेकिन जब वन विभाग वे एक तेंदुए को पकड़ा तो इसके बाद भी तेंदुए नजर आ रहे थे। जिसे देखते हुए वन विभाग ने एक साथ कई पिंजरे इलाके में लगाए। जिसमें एक दो नहीं बल्कि पूरे पांच तेंदुए पकड़े गए।
19 मार्च से इस क्षेत्र में लगने जा रहा है प्रसिद्ध चैती का मेला
पांच तेंदुए पकड़े जाने के बाद मंगलवार सुबह करीब छह बजे गोविषाण टीला क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। जिसके बाद इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली है। राहत की बात इसलिए भी है क्योंकि 19 मार्च से इस क्षेत्र में प्रसिद्ध चैती का मेला लगने जा रहा है।
आगामी दिनों में लगने वाले मेले के कारण भी लोगों को अनहोनी का डर सता रहा था। लेकिन छठवें तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बाद मेला समिति, स्थानीय लोगों के साथ हील प्रशासन की चिंता भी खत्म हो गई है। स्थानीयों का कहना है कि अब तो सुबह आसानी से मार्निंग वॉक कर सकते हैं इसके साथ ही मेले का आनंद भी ले सकते हैं।