देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पंचायतीराज विभाग के तहत 126 नवनियुक्त ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में राज्य में 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नौकरी प्रदान की गई है, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “यह दिन आपके जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि नव चयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई ग्राम पंचायत के अभिन्न अंग बनकर गांवों के समग्र विकास की दिशा में कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए गांवों का विकास जरूरी है, और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की भूमिका इस प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने आगे कहा, “उत्तराखण्ड राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से हम शहरों के साथ-साथ गांवों के विकास पर भी प्राथमिकता से काम कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में सख्त भू-कानून लागू करने की बात भी की, जिसके लिए विधानसभा में विधेयक पारित हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के निर्माण के संघर्ष को याद करते हुए कहा, “उत्तराखण्ड के निर्माण का सपना हमारे आन्दोलनकारियों ने इसलिए देखा था ताकि राज्य के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचे।” उन्होंने उत्तराखण्डवासियों से आह्वान किया कि वे एकता के साथ मिलकर राज्य के विकास में भाग लें और किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं।
सख्त लहजे में मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखण्ड की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को सरकार बिल्कुल भी माफ नहीं करेगी। चाहे वे मंत्री, विधायक, सांसद, या आम उत्तराखण्डी हों, सभी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आज के बाद सभी प्रकार के भड़काऊ बयानों को गंभीरता से लिया जाएगा, और उत्तराखण्ड की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”