Uttar Pradesh

अयोध्या में दीपों का महासागर: 28 लाख दीयों से रोशन होंगी भगवान राम की नगरी !

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दीपावली का महत्व:
हिंदू धर्म में दीपावली का अत्यधिक महत्व है। यह पर्व भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है, जब उन्होंने लंकापति रावण का वध किया था। इस दिन अयोध्या के हर कोने में घी के दीप जलाए गए थे, और पूरा नगर रोशनी से जगमगा उठा था। इस वर्ष, 2024 में, अयोध्या में दीपावली मनाने की तैयारियाँ जोरों पर हैं, और यह विशेष अवसर और भी खास है क्योंकि यह पहली बार होगा जब अयोध्या के राम मंदिर में दीपावली मनाई जाएगी।

28 लाख दीये जलाए जाएंगे:
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अयोध्या में दीपोत्सव के आठवें संस्करण के लिए तैयारियों में जुट गई है। इस बार, सरयू नदी के तट पर 28 लाख दीये जलाए जाएंगे, जो राम मंदिर को रोशन करेंगे। ये दीये विशेष रूप से तैयार किए गए हैं ताकि इन्हें जलाने से किसी प्रकार का दाग या निशान न पड़े और ये लंबे समय तक जलते रहें।

इको-फ्रेंडली दीये:
इस साल, अयोध्या में जलाए जाने वाले दीये वैक्स से बने होंगे, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा। मंदिर ट्रस्ट का उद्देश्य न केवल दीपावली के अवसर पर अयोध्या को भक्ति का केंद्र बनाना है, बल्कि इसे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण भी बनाना है।

सामुदायिक सहभागिता:
सरयू नदी के 55 घाटों पर दीप जलाने के लिए 30,000 से ज्यादा वॉलंटियर्स काम कर रहे हैं। इस विशेष आयोजन में 80,000 दीयों से स्वास्तिक का चिन्ह बनाया जाएगा, जो दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण होगा।

वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी:
30 अक्टूबर, 2024 को छोटी दिवाली पर, अयोध्या में 28 लाख दीये जलाकर एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की योजना है। यह प्रयास न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और इसे पूरी दुनिया में एक अद्वितीय उदाहरण के रूप में देखा जाएगा।

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