Uttarakhand
छात्र राजनीति से कैबिनेट तक! राम सिंह कैड़ा की चौंकाने वाली एंट्री
भीमताल से सीधा मंत्री पद! कैसे चमके राम सिंह कैड़ा
RAM SINGH KAIDA: उत्तराखंड में धामी सरकार अपने चार साल पूरे करने की दहलीज पर खड़ी है. कई समय से मौजूदा सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के कयास लगाए जा रहे थे. आज आखिरकार धामी कैबिनेट में 5 नए मंत्रियों की नियुक्ति के साथ ही सियासी अटकलों पर विराम लग गया है. इन नवनियुक्त मंत्रियों में भीमताल से 2 बार के विधायक राम सिंह कैड़ा का नाम भी है, जिन्हें मौजूदा सरकार में मंत्री पद दिया गया है.
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जानिए कौन हैं राम सिंह कैड़ा – कैबिनेट मंत्री
RAM SINGH KAIDA ने आज शुक्रवार को देहरादून स्थित लोकभवन में मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली. उन्होंने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से 1992 में की थी. वो 1993 में एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ का चुनाव जीतकर अध्यक्ष बने. इसके बाद वे लगातार जनसरोकार के मुद्दों पर सक्रिय रहे और उत्तराखंड आंदोलन में भी उनकी अहम भूमिका रही.
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क्षेत्रीय राजनीति में बनाई मजबूत पकड़
इसके बाद, उन्होंने पंचायत स्तर की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाकर क्षेत्रीय राजनीति पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई. 2012 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा. जिसके बाद वर्ष 2017 में कैड़ा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर शानदार जीत दर्ज की. यही जीत उनके राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई.
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भाजपा के टिकट पर 2021 में बने दूसरी बार विधायक
इसके बाद, 2021 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर फिर से जीत हासिल की. इस जीत ने उनके संगठन और क्षेत्र में मजबूत प्रभाव को साबित किया.
क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत करेंगे राम सिंह कैड़ा
धामी कैबिनेट में मंत्री पद मिलने के बाद राम सिंह कैड़ा का कद और बढ़ गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये फैसला क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है. साथ ही, उनके मंत्री बनने से भीमताल और आसपास के क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीदें भी जगी हैं.